तहसील दिवस में आए डीएम ने अधिकारियों को क्षेत्र में भेजकर पीएचसी और आंगनबाड़ी केंद्रों, नगर पंचायत जानसठ की सफाई व्यवस्था की जांच कराई। जांच में ककरौली क्षेत्र के कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चे नहीं मिले और मीरापुर पीएचसी बदहाल हालत में पाई गई। डीएम ने अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
डीएम दिनेश सिंह के निर्देश पर सीएमओ सुबोध कुमार व डीआरडीए पीपी श्रीवास्तव ने निरीक्षण करते हुए कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर खाना न बनाना पाया। जिसका कारण केंद्र पर पैसा न आना बताया गया तथा कई केंद्रों पर कार्यकत्रियों का रिकॉर्ड सही नहीं पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई तथा ककरौली क्षेत्र के सात आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण सुपरवाइजर पूनम ने करते हुए चार केन्द्रों पर बच्चे नहीं मिलने जाने पर नाराजगी जताई तथा डीएम ने डीपीआरओ को केंद्रों का निरीक्षण कर जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
उधर, डीएम के आदेश पर चकबंदी विभाग के बंदोबस्त अधिकारी राजेश देवरार, इंस्पेक्टर अमरदीप लाल, ईओ हीरालाल को नगर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने भेजा। तीनों अधिकारियों ने नगर के कई वार्डों का निरीक्षण किया तो सफाई व्यवस्था दुरुस्त मिली। इंस्पेक्टर अमरदीप ने चौराहों पर खड़े कई युवकों को पूछताछ कर चेतावनी देकर उन्हें छोड़ दिया।
स्टॉक रजिस्टर मांगने पर फार्मेसिस्ट बेहोश हुआ
मीरापुर पीएचसी का निरीक्षण बीडीओ जानसठ विजय प्रताप यादव करने के लिए गए। बताया कि निरीक्षण के दौरान लैब टैक्नीशियन गैर हाजिर मिला। अस्पताल की बाउंड्री टूटी मिली तथा हास्पिटल के तीनों नल खराब पाए गए। पीएचसी में कोई भी कूड़ेदान नहीं मिला तथा गंदगी पाई गई। बीडीओ द्वारा फामेंसिस्ट से स्टॉक रजिस्टर मांगने पर वह बेहोश हो गया। उसे होश में लाकर रिकॉर्ड रजिस्टर चैक करवाया जो पूरा नहीं मिला। डीएम ने निरीक्षण में पाई गई कमियों को देखते हुए सीएमओ सुबोध कुमार से नाराजगी जताई।