मुजफ्फरनगर में एनसीआर में बढ़े प्रदूषण के बाद उम्रदराज वाहनों के संचालन पर ब्रेक लगा दिया गया है। 10 साल पुराने डीजल, 15 साल पुराने पेट्रोल के वाहनों को जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसको लेकर एआरटीओ ने एक दिन अभियान चलाकर कर्तव्य की इतिश्री कर ली है, जबकि जिले में 30 हजार से अधिक पुराने वाहन दौड़ रहे हैं। हालांकि विभागीय अफसर पंजीकरण निरस्त करने का दावा कर रहे हैं।
दिल्ली और एनसीआर में एक सप्ताह से स्मॉग और कोहरा छाया हुआ है। धुंध में प्रदूषण के कारण एनसीआर में सांस लेना मुश्किल हो गया है। इसको लेकर एनजीटी ने पुराने वाहनों को जब्त करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को एआरटीओ ने कार्रवाई कर एक हजार से वाहनों के पंजीकरण निरस्त किए हैं। इसके बाद कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया। जिले में 30 हजार से अधिक पुराने वाहन दौड़ रहे हैं। जिनमें डीजल वाहनों की संख्या अधिक है।
यह ऐसे वाहन हैं कि जिनके संचालन की मियाद पूर्ण हो चुकी है। इनमें ट्रक, जीप और मिनी बस अधिक शामिल है, जबकि पेट्रोल वाहनों में मारुति, वैन आदि शामिल है। इन पर कार्रवाई से विभागीय अधिकारी कदम पीछे खींचे हुए है। कुछ वाहनों की फिटनेस जांचने के बाद उन्हें एनओसी भी दी जा रही है। एनओसी नहीं लेने वाहनों का पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई चल रही है। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि एनजीटी के निर्देश पर पुराने वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है। वाहनों की जांच हो रही है, जो वाहन पुराने है। उनका पंजीकरण निरस्त किया जा रहा है।