वाणिज्य न्यायालय को बाहर करने का विरोध
मुजफ्फरनगर। मेरठ में कामर्शियल कोर्ट को बाहर करने के विरोध में केंद्रीय संघर्ष समिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आह्वान पर मुजफ्फरनगर में भी अधिवक्ताओं ने हड़ताल रख प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने रोष जताते हुए इसे जनहित के विपरीत बताया।
सिविल बार एसोसिएशन और जिला बार संघ के अधिवक्ताओं द्वारा प्रदर्शन कर मेरठ में कामर्शियल कोर्ट को बाहर करने के निर्णय का विरोध जताया। सिविल बार एसोसिएशन के महासचिव बिजेंद्र मलिक ने बताया कि हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए आंदोलन चला रही केंद्रीय संघर्ष समिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आह्वान पर सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहकर वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के समर्थन में तथा कामर्शियल कोर्ट मेरठ को कोर्ट परिसर से बाहर स्थानांतरित करने के विरोध में प्रदर्शन कर एक ज्ञापन मुख्य न्यायाधीश इलाहाबाद हाईकोर्ट को भेजा गया। इस प्रदर्शन में अध्यक्ष अनिल कुमार दीक्षित, बिजेंद्र मलिक, नरेश चंद गुप्ता, नरेंद्र कौशिक, मोल्हड सिंह, खजान सिंह, नीरज ऐरन, राजबीर सिंह, बिजेंद्र प्रताप, अशोक कुशवाह, सौरभ पंवार, मनोज त्यागी, विष्णु, प्रवीण, सुन्दरलाल, राकेश, सुधीर गुप्ता, सतेंद्र कुमार, प्रवीण खोकर, राज सिंह रावत, सोहनलाल आदि मौजूद रहे।
वहीं, दूसरी ओर जिला बार संघ के अध्यक्ष सैयद नसीर हैदर काजमी और महासचिव प्रदीप कुमार मलिक के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के समर्थन और मेरठ में कामर्शियल कोर्ट को बाहर भेजने के फैसले के विरोध में कचहरी में जुलूस निकालकर डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान जिला बार संघ ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि राज्य में वाणिज्यिक मामलों के संबंध में न्यायालय अलग से स्थापित किए जाने का फैसला स्वागत योग्य है, लेकिन इनको जनपद न्यायालय परिसर से बाहर स्थापित कराने से अधिवक्ता और वादकारियों को हानि के साथ ही परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सुनीलदत्त शर्मा, सुखपाल सैनी, ओंकार सिंह तोमर, ब्रजभूषण त्यागी, शिवराज त्यागी, सानुज मलिक, मनु मलिक, अमित सैनी, राजकुमार गर्ग, कामरान हसनैन, कलीराम आदि मौजूद रहे।