गोपाली गांव में तालाब की भूमि पर आवासीय कालोनी काटने के विरोध में प्रदर्शन करते ग्रामीण
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देवबंद। गोपाली गांव में पट्टों के लिए आवंटित हुई तालाब की भूमि पर भूमाफिया द्वारा आवासीय कॉलोनी काटे जाने के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
ग्राम प्रधान नईम अहमद के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। आरोप है कि 1997 में हुई चकबंदी के बाद तालाब की भूमि (खसरा नंबर 1014) पर कुछ लोगों को पट्टे आवंटित किए गए थे। बाद में उक्त लोगों ने 2017 में आवंटित पट्टों को गैरकानूनी तरीके से भूमाफिया को बेच दिया। अब भूमाफिया वहां मिट्टी से भराव कर आवासीय कॉलोनी काटने की तैयारी कर रहे हैं। प्रधान का आरोप है कि जब उन्होंने तालाब को खाली करने के लिए आवाज उठाई तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने पुलिस पर भी अभद्रता करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रशासन से तालाब की भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों में हाजी सलीम, मुस्तफा, नईम अहमद, नसीन, पप्पू उर्फ परवेज, इंतजार व मुर्तजा आदि रहे। बता दें कि ग्राम प्रधान नईम अहमद ने बीते दिन मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। वहीं, एसडीएम ने इस मामले की जांच तहसीलदार को सौंप दी। तहसीलदार तपन कुमार मिश्र ने बताया कि तालाब का रबका पूरा है। जिस भूमि को लेकर विवाद चल रहा है वह संकरमणीय भूमिधर है, क्योंकि तहसील से इसका पिछड़ा रिकार्ड चेक किया गया है। फिर भी नए सिरे से तालाब की पैमाइश कराई जाएगी।