बजट पर विपक्षी दलों ने छोड़े तीर
मुजफ्फरनगर। आम बजट को विपक्षी दलों ने किसान और गरीब विरोधी बताया है। विपक्ष का कहना है कि यह बजट कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाला है। किसान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। गरीबों की आर्थिक उन्नति का कोई आधार नहीं है।
बजट में सीधे कारपोरेट घरानों के हितों की चिंता की गई है। किसान की सिंचाई, फसल के दाम और उसकी आर्थिक उन्नति के लिए कोई योजना नहीं लाई गई है। बजट में गरीबों की सीधे अनदेखी की गई है।
प्रमोद त्यागी, सपा जिलाध्यक्ष
केंद्र सरकार की नीति केवल बड़ी कंपनियों को लाभ पहुंचाने की है। इस बजट का रास्ता गांव और गरीब की झोपडी तक नहीं जा रहा है। बजट में किसान और मजदूर को अनदेखा किया गया है।
तेगबहादुर सैनी, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष
बजट में किसान और नौजवान का ख्याल नहीं रखा गया है। यह बजट निराशाजनक है। आर्थिक तंगी के चलते किसान आत्महत्या करने को मजबूर है। सरकार ने उसकी चिंता नहीं की है। केवल बड़े लोगों के लिए बजट बनाया गया है। भाजपा की सोच हमेशा पूंजीवादी लोगों के साथ है।
अजीत राठी, रालोद जिलाध्यक्ष
बजट को किसान विरोधी बताया है। खेती को लाभकारी बनाने के लिए कुछ नहीं किया गया है।
पराग चौधरी, रालोद छात्रसभा के जिलाध्यक्ष