मुजफ्फरनगर में एनसीआर में प्रदूषण को लेकर की गई औद्योगिक इकाईयों की तालाबंदी खुलेगी या और बढ़ेगी, यह मौसम पर निर्भर करेगा। 14 नवंबर को एनजीटी में प्रदूषण केस पर सुनवाई में अगली कार्रवाई का रुख तय होगा। हालांकि फिलहाल औद्योगिक इकाईयों पर तालाबंदी जारी रहेगी। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आदेश पर अमल नहीं करने वाली इकाईयों की सूची तैयार की है, जिसे लखनऊ भेजा जाएगा। यहीं से इन पर कार्रवाई होगी। एनजीटी के अगले कदम को लेकर उद्यमियों और शुगर मिलों में भी बेचैनी है।
दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण की मात्रा बढ़ऩे से धुंध और कोहरा छटने का नाम नहीं ले रहा है। स्मॉग में दमघोटू प्रदूषण के कण घूम रहे है। इससे सांस लेने में तकलीफ पैदा होने लगी है। वहीं, यूपी में भी गाजियाबाद, नोएडा प्रदूषित श्रेणी में आ गए हैं। एनसीआर में प्रदूषण पर प्रहार करने के लिए एनजीटी ने 14 नवंबर तक औद्योगिक इकाईयों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इसी को लेकर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिले में आठ शुगर मिलों समेत 123 इंडस्ट्रियों में उत्पादन कार्य को रोक दिया है। हालांकि अधिकांश इंडस्ट्रियों ने बंदी के फरमान पर अमल नहीं किया है।
इसकी क्षेत्रीय अफसरों ने सूची बनाई है. जिन पर कार्रवाई के लिए लखनऊ को संस्तुति भेजी जाएगी। वहीं, इंडस्ट्रियों में संचालन मौसम पर निर्भर करेगा। यदि एनसीआर में मौसम खराब रहा और धुंध, कोहरा आदि रहा तो इंडस्ट्रियों के संचालन पर रोक लगी रह सकती है। 14 नवंबर को एनजीटी की अदालत में प्रदूषण को लेकर सुनवाई होनी है। उद्यमियों और शुगर मिलों की निगाहें 14 नवंबर पर टिकी है। एनजीटी की अदालत के निर्णय पर जिले में इंडस्ट्रियों के संचालन की स्थिति साफ होगी। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी विवेक राव ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर औद्योगिक इकाईयों को नोटिस दिए गए हैं। किस औद्योगिक इकाई ने आदेश का पालन नहीं किया है, इसकी जांच कराई जा रही है। 14 नवंबर को प्रदूषण को लेकर सुनवाई है। उसके बाद ही एनसीआर में अगली कार्रवाई का पता लग सकेगा।