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एक सप्ताह का लॉकडाउन ही करेगा कोरोना पर वार

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मुजफ्फरनगर। कोरोना महामारी शहर से लेकर गांवों तक में विकराल रूप धारण करती जा रही है। आम आदमी से लेकर व्यापारी, सामाजिक संगठन, राजनीतिक दल अब कम से कम एक सप्ताह के लॉकडाउन की मांग कर रहे हैं।
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अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री और गुड़ मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मित्तल एक सप्ताह का लॉकडाउन लगाने के लिए डीएम सेल्वा कुमार जे को पहले ही पत्र लिख चुके हैं। मित्तल का कहना है कि जिले में कोरोना महामारी लगातार बढ़ रही है। बुजुर्ग ही नहीं नौजवान की भी मौत हो रही है। हर आदमी डरा और सहमा है। वायरस की चेन तोड़ने के लिए एक सप्ताह का लॉकडान अवश्य लगाएं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो हालात संभाले नहीं जा सकेंगे।
संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष रेवती नंदन कहते हैं कि इस समय व्यापार की नहीं जान बचाने की जंग है। कम से कम दस दिन का लॉकडाउन लगाए बिना संक्रमण को तोड़ा नहीं जा सकता। जिस तरह वकीलों ने स्वैच्छिक लॉक डाउन का कदम उठाया है, हम लोग भी ऐसा ही निर्णय लेने पर विवश होंगे।
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सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी का कहना है कि केवल उन्हीं दुकानों को खोलने की अनुमति दी जाए, जिनकी बीमारी के दौरान आवश्यकता है। बाकी बाजार बंद रहना चाहिए। यह खतरा आम आदमी का है और दुकानदार भी लगातार चपेट में आ रहे हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला यह तो मानते हैं कि कोराना महामारी लगातार बढ रही है। साथ ही यह भी कह रहे हैं कि सरकार ऑक्सीजन और अस्पतालों की समस्या का तेजी से समाधान कर रही है। सरकार सोच समझकर सही निर्णय लेगी।
पूर्व सांसद कांग्रेस नेता हरेंद्र मलिक का कहना है कि एक साल में सरकार कोई इंतजाम नहीं कर पाई, लेकिन इस समय हम सरकार के साथ है। लोग मर रहे है, बेड, ऑक्सीजन और दवा नहीं मिल रही है। दवा की कालाबाजारी तत्काल रोकनी होगी। लोगों की जान बचाने की जिम्मेदारी सरकार की है।
लॉकडाउन का निर्णय सरकार को लेना है: बालियान
केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान का कहना है कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की समस्या समाप्त हो जाएगी। शुक्रवार तक हम 500 मरीजों को एक साथ ऑक्सीजन देने की स्थिति में आ जाएंगे। हम बेड बढ़ाने के प्रयास में भी लगे हैं। संक्रमण गांव-गांव और घर-घर पहुंच चुका है। लॉकडाउन से शायद हल न निकले। निर्णय सरकार को लेना है।
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