360 में से 23 फैक्टरी को ही मिली अनुमति
मुजफ्फरनगर। उद्योग चलाने की अनुमति की जटिल प्रक्रिया के कारण अनुमति मिलने में देरी हो रही है। प्रशासन के पास इस समय 360 आवेदन हैं, जिनमें 23 को अनुमति पत्र जारी किया गया। इससे पहले 85 उद्योगों को संचालन की अनुमति मिल चुकी है।
जनपद में उद्योगों को पटरी पर लाने में जटिल सरकारी प्रक्रिया बाधा बनी है। उद्यमी कोरोना महामारी के बीच रिस्क उठाकर भी उद्योग संचालित करना चाहते हैं, लेकिन आवेदन की ऑनलाइन प्रक्रिया और कई समस्याएं आने से उद्योगों को परमिशन मिलने में देरी हो रही है। जनपद में अब से पहले 85 उद्योगों को अनुमति मिल चुकी है। इनमें पेपर मिल और फार्मा से जुडे़ उद्योग शामिल थे। अब अन्य उद्योगों ने भी आवेदन कर दिया है। सरकार की शर्तों पर उद्यमी अपना उद्योग चलाने के लिए तैयार हैं। प्रशासन के पास इस समय 360 आवेदन लंबित है। मंगलवार देर रात इनमें से 23 उद्योगों को संचालन की अनुमति दी गई। उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्य ने बताया कि कुछ ऐसे लोगों ने भी आवेदन कर दिए है, जिनके उद्योग यहां पर नहीं है। जिले में अब तक 108 उद्योगों को अनुमति जारी हो चुकी है। कर्मचारियों को लाने और छोड़ने की जिम्मेदारी फैक्टरी की होगी। कर्मचारी अपने वाहन से भी आने जाने का काम कर सकते हैं। उद्यमी नेता कुशपुरी ने कहा कि प्रशासन को छोटे उद्योगों को अनुमति जारी करने में अधिक औपचारिकताएं पूरी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन सहयोग कर रहा है जल्द ही समस्त उद्योग प्रारंभ हो जाएंगे।