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बुराई को भूलकर अच्छे कर्म की ओर चलना चाहिए : विशुद्ध सागर

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फोटो समाचार
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संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। जैनमुनि आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर और उनके साथ चल रहे 27 मुनियों के नगर आगमन पर समाज के लोगों ने स्वागत किया। धर्मसभा में आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने कहा कि बीते समय की बुराई को भूलकर अच्छे कर्म की ओर चलो, जिससे जीवन सुखी रहेगा।
कार्यक्रम का संयोजन रामकुमार जैन, सुशील मंडी संजय जैन, अरुण जैन ने किया। मंगलवार सुबह समाज के लोग गंगनहर के निकट एकत्रित हुए। मंसूरपुर से पद विहार कर मुनि संघ ने खतौली में मंगल प्रवेश किया। मार्ग में अनेक स्थानों पर मुनि संघ का स्वागत और मंगल आरती की गई। चेलना मंच की महिलाओं में पीत वस्त्रों में विशेष भक्ति की। मुनि संघ नगर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए कुंद-कुंद जैन पब्लिक स्कूल पहुंचे। सकल जैन समाज और वर्षा योग समिति के संयोजन में आयोजित किया गया।
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धर्मसभा में आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने कहा कि जीवन में प्रभु भक्ति को स्थान दें। आत्मिक कल्याण के लिए स्वाध्याय और साधना से जुड़ें। संतों का नगर में आगमन मंगलकारी होता है। दिगंबर संत की चर्या अनुकरणीय होती है। साधु संगति मनुष्य को सदमार्ग पर लगाती है। धर्म हमेशा सुख देता है। त्याग के पद पर चलने से सारे विकल्प समाप्त हो जाते हैं। डाॅ. कपूरचंद जैन को भी स्मरण किया गया। कार्यक्रम में रामकुमार, सुशील, संजय जैन, सुशील, राकेश, विजय सर्राफ, मुकेश एडवोकेट, दीपक, प्रधानाचार्य अनुराग जैन, सतीश, राजीव, राजेश जैन, अनुपम, पारस जैन, मनोज, सुधीर, दिनेश, सौरभ सभासद, सुरेंद्र, प्रमोद जैन, राजेंद्र जैन, शशांक, सतीश, सुदेश सर्राफ, सुनील सर्राफ शामिल रहे।
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