मेडिकल कैंप में मौजूद चिकित्सक।
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जानलेवा बुखार सेे कुटेसरा गांव में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। जबकि गांव के सैकड़ों लोग बुखार की चपेट में हैं। गांव में एक भी घर ऐसा नहीं है, जहां बुखार से पीड़ित लोग न हों।
गांव के इब्राहिम पट्टी निवासी इलियास (65) को दो दिन पूर्व बुखार आया था। परिजनों ने पहले गांव में प्राइवेट चिकित्सकों से चेकअप कराया, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं होने के कारण गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया।
रविवार सुबह इलियास की मौत हो गई। वहीं गांव में सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित है। जबकि मोहल्ला इब्राहिम पट्टी बाग वाले में हालत बदतर है। इस बस्ती में एक-एक घर में कई कई लोग बुखार की चपेट में हैं। अब्बास, रफीक, नजर, कय्यूम और नूर मोहम्मद के परिवार में कई लोगों को बुखार है। अधिकांश पीड़ित गांव में प्राइवेट चिकित्सकों के यहां उपचार करा रहे हैं। शमशाद त्यागी, इरफान ने सीएमओ से गांव में कैंप लगवाकर बुखार की रोकथाम करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में फॉगिंग नहीं कराई गई है।
सैदनगलां में 210 मरीजों का चेकअप
चरथावल में डॉ. अतुल कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार को गांव में टीम ने बुखार पीड़ित 210 मरीजों का चेकअप किया और दवाइयां बांटी। बुखार के कारणों का पता लगाने के लिए 60 मरीजों के खून के नमूने लिए गए। जगपाल सिंह, रामतीर्थ, गजे सिंह टीम में मौजूद रहे। सीएचसी प्रभारी डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि अधिकांश लोगों में वायरल के लक्षण प्रतीत हुए हैं। कुटेसरा में सोमवार को जांच कराई जाएगी।