जर्जर अवस्था में पुराना पुल, लोग परेशान
खतौली। नावला-खतौली मार्ग पर गांव भैंसी से होकर जा रहे नाले का कई दशक पुराना पुल जर्जर अवस्था में है। पुल के नीचे लोहे के गाटर की सपोर्ट लगाकर उसके सहारे रोका गया है। इस पुल से कई दर्जन गांवों के ग्रामीण भारी वाहन लेकर नगर में आते हैं। इस पुल पर कभी भी कोई भी बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है। इसकी मरम्मत के लिए विभाग के अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
गांव भैंसी से होकर खलासी में पड़ने वाले नाले के ऊपर नावला मार्ग पर बना पुल कई दशक पुराना है। अभी यह पुल पूरी तरह से जर्जर हालत में है। इस मार्ग पर नावला, अंबरपुर, मथेड़ी, खेड़ी आदि गांव पड़ते हैं। यह पुल इन गांव को नगर से जोड़ने का काम करता है। यह इन गांव में पहुंचने का मुख्य मार्ग है। ग्रामीणों का आवागमन इसी मार्ग से होता है। किसान इसी मार्ग से वाहनों में गन्ना लेकर शुगर मिल जाते हैं। यहां पर एक गन्ना क्रय केंद्र भी बनाया हुआ है। इसी जर्जर पुल से शुगर मिल में ओवरलोड गन्ने के ट्राले भी आते-जाते हैं। पुल जर्जर होने के कारण हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। जर्जर पुल के नीचे एंगलों से एक फेम तैयार कर उस पर गाटर रखकर उसे सपोर्ट दी गई है। ऐसी स्थिति में किसी भी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता। संबंधित विभाग के अधिकारी भी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं।
भैंसी के ग्राम प्रधान सुनील अहलावत तथा नावला के प्रधान पति देवराज त्यागी ने बताया कि इस पुल के संबंध में कई बार पीडब्लूडी और सिंचाई विभाग के अलावा अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पुल की हालत पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। एंगल से बनाए गए फ्रेम पर गाटर रखकर रोका हुआ है। इस पुल का निर्माण अति आवश्यक है। अधिकारी कहिन-
पीडब्लूडी के जेई सुमित कुमार का कहना है कि इस पुल की उन्हें जानकारी नही हैं, उस पुल को देखकर ही पता चलेगा कि वह उनके स्वामित्व में है अथवा नहीं। एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी का कहना है कि मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। यह पुल जिस विभाग से संबंधित होगा, पुल बनाए जाने के लिए पत्र लिखा जाएगा, इसे शीघ्र ही बनवाया जाएगा।