रातभर बजट के इंतजार में बैठे रहे अधिकारी
मुजफ्फरनगर। वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन दफ्तरों में देर रात तक कार्य हुआ। विभागों ने लेनदेन के अपने कार्य देर रात तक पूरे किए। जिले के कुछ विभाग आखिरी दिन में भी बजट का इंतजार करते रहे। जिन विभागों को दो दिन पहले ही बजट मिला वह उसका निस्तारण करने में लगे रहे।
कोरोना के चलते इस बार विभागों को समय पर बजट नहीं मिल सका। कुछ विभागों को तो साल के आखिरी सप्ताह में ही बजट जारी हुआ। यही नहीं कृषि उपनिदेशक कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी तो कृषि यंत्रों का बजट जारी होने का देर रात तक इंतजार करते रहे। उपनिदेशक कृषि जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि उनके यहां किसान मिशन, गोष्ठी आदि का बजट तो पहले ही आ गया था, लेकिन कृषि यंत्रों को बजट नहीं आया था। बजट को लेकर लखनऊ बात हुई, तो विभाग ने रात में ही पैसा जारी करने की बात की। इसी के चलते देर रात तक पूरा स्टाफ ऑफिस में ही रहा। तेवतिया ने बताया कि बजट आने पर ही उसका निस्तारण होगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी के यहां होली के दिन बजट आया। यहां अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात लगे हैं। 31 मार्च को भी देर रात तक कार्यालय खुला। डूडा, पशु पालन, बेसिक शिक्षा, डीआईओएस, गन्ना विभाग, एमडीए, नगर पालिका, कलक्ट्रेट के ऑफिस भी देर रात तक खुले रहे। आए हुए बजट का निस्तारण करने में अफसर लगे रहे।
ट्रेजरी भी देर रात तक खुली रही
मुजफ्फरनगर। सरकारी कार्यालयों में देर रात तक कार्य होने से ट्रेजरी के अधिकारी और कर्मचारी भी देर रात तक जमे रहे। विभिन्न कार्यालयों के बिल ट्रेजरी में देर रात तक जमा हुए।