जेल से पेरोल पर छूटे अपराधियों पर रखी जाएगी नजर
मुजफ्फरनगर। लॉकडाउन खत्म होने के साथ ही पुलिस अब अपराध नियंत्रण पर भी फोकस करेगी। एडीजी मेरठ जोन राजीव सब्बरवाल ने अपराध समीक्षा मीटिंग में अफसरों को गांव के विवादों को निपटाने के साथ ही जेल से पेरोल पर छूटे हुए अपराधियों पर नजर रखने के भी निर्देश दिए हैं।
एडीजी मेरठ जोन राजीव सब्बरवाल कार्यभार संभालने के बाद पहली बार सोमवार सुबह जिला मुख्यालय पहुंचे। करीब 11.30 बजे एडीजी पुलिस लाइन पहुंचे, जहां उन्होंने अफसरों के साथ ही सभी क्षेत्राधिकारी व थानेदारों के साथ अपराध समीक्षा मीटिंग ली। एडीजी ने बैठक में लॉकडाउन खत्म होने के बाद अब अनलॉक-वन को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। एडीजी ने कहा कि अब पुलिस को कोरोना संक्रमण के साथ ही अपराध नियंत्रण पर भी ध्यान रखना होगा। इसके लिए गांव-देहात के जमीन संबंधी विवादों को चिह्नित कर इन्हें मौअज्जिज लोगों के सहयोग से खत्म कराने के प्रयास शुरू कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अपराध नियंत्रण के लिए जेल से कोरोना के चलते पेरोल पर छूटे हुए अपराधियों पर नजर रखने के भी निर्देश दिए गए, ताकि वे आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त न हो सकें। इसके साथ ही एडीजी ने आगामी त्योहारी सीजन को लेकर बीट प्रणाली को दुरुस्त करने और शासन के निर्देशानुसार काम करने के भी दिशा-निर्देश दिए। अपराध समीक्षा बैठक में डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल, एसएसपी अभिषेक यादव, एसपी सिटी सतपाल आंतिल, एसपी क्राइम बीबी चौरसिया के साथ ही सभी सीओ सर्किल और थानेदार मौजूद रहे।
रेंज में लागू करेंगे मुजफ्फरनगर मॉडल
मुजफ्फरनगर। एडीजी मेरठ जोन राजीव सब्बरवाल ने कहा कि जनपद मुजफ्फरनगर को मुझसे भी दस गुना बेहतर कप्तान अभिषेक यादव के रूप में मिला है। इन्होंने न केवल कुशलता से अपराध नियंत्रित किया, बल्कि कई नई चीजें भी जनपद में लागू की हैं। इनमें जीरो ड्रग्स अभियान के साथ ही महिला संबंधी अपराध नियंत्रण समेत कई चीजें शामिल हैं। एडीजी ने कहा कि जनपद के इन मॉडल्स को रेंज में कुछ स्थानों पर लागू किया जा चुका है, जबकि कई अन्य जनपदों में इसे लागू करने की तैयारियां की जा रहीं हैं।