तहसील में लगे निर्धारित शुल्क का सूचनापट
छपार/रोहाना (मुजफ्फरनगर)। कृषि कानूनों के विरोध में छपार और रोहाना टोल प्लाजा पर चल रहे भाकियू के धरने 23वें दिन भी जारी रहे। शुक्रवार को धरनास्थल पर तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार और बैंकों में कर्मचारियों द्वारा किए जाने वाले किसान उत्पीड़न पर नाराजगी जताई गई। छपार टोल प्लाजा पहुंचे भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत का भी स्वागत किया गया।
दिल्ली-दून हाईवे पर छपार स्थित टोल प्लाजा पर चल रहे धरनास्थल पर भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत भी कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे। इस दौरान तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के साथ ही बैंक कर्मचारियों की कार्यप्रणाली व उत्पीड़न पर नाराजगी जताई गई। ब्लॉक अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा कि तहसील में किसानों को खसरा-खतौनी की नकल जारी करने की निर्धारित फीस 15 रुपये है, लेकिन किसानों से अधिक वसूली की जा रही है। वहीं, हिस्सा प्रमाणपत्र बनाने में भी लेखपाल एक हजार रुपये तक सुविधा शुल्क लेते हैं। इसके लिए जरूरी है कि तहसील में निर्धारित शुल्क का सूचनापट लगाया जाए। चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होता है तो एसडीएम सदर व तहसीलदार का घेराव किया जाएगा। वहीं, बैंकों में भी किसानों को परेशान किया जाता है। यदि इसमें भी सुधार न हुआ तो बैंकों पर भी धरना दिया जाएगा। मौके पर भूराहेड़ी के प्रधान मोनू चौधरी, सद्दू गौर, राशिद, डॉ मूलचंद, त्यागी, बबलू, मुशर्रफ, बूटा सिंह, दानिश मौजूद रहे।
उधर, रोहाना में टोल प्लाजा पर चल रहे धरने पर ब्लॉक अध्यक्ष ठाकुर कुशलवीर सिंह ने कहा कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर है। अधिकारी मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। मौके पर इस दौरान नवीन त्यागी, पंकज भगत, बाबा आदेश, तोहीद हसन, अरुण शर्मा, आस मोहम्मद, रोशन चौहान, राजीव राणा, कंवरपाल चौधरी मौजूद रहे।
छपार टोल पर भाकियू के धरने राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत का स्वागत करते कार्यकर्ता।- फोटो : MUZAFFARNAGAR