मुजफ्फरनगर के गांव खुड्डा स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा पर अव्यवस्था के कारण भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। कई बार बैंक मैनेजर एवं पुलिस के साथ कार्यकर्ताओं की तीखी झड़पें भी हुईं।
खुड्डा की पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से पांच गांवों के ग्राहक जुड़े हुए हैं। नोटबंदी के चलते इन दिनों नोट जमा करने और निकालने वालों की बैंक पर भारी भीड़ जमा रहती है। इस हालात में सोमवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने ब्लाक अध्यक्ष मोहम्मद मंगता के नेतृत्व में बैंक पर धरना देकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने बैंक मैनेजर को घेर आरोप लगाया कि कैश समाप्त होने का बहाना बनाकर ग्राहकों को लौटाया जा रहा है।
खुड्डा निवासी रियासत का कहना है कि 25 नवंबर को उसकी दो बेटियों का निकाह है। उसने डीएम से आदेश कराकर मैनेजर को प्रार्थना पत्र दिया। इसके बावजूद उसे रुपये नहीं दिए गए। धरना प्रदर्शन की सूचना पर पहुंची छपार पुलिस के साथ भी कार्यकर्ताओं की कई बार झड़प हुई। बडी मुश्किल से पुलिस ने व्यवस्था बनाई और बैंक से भुगतान शुरू हुआ। धरने पर मुरसलीन, मनव्वर, शमीम, शाजिद, रिजवान जाहिद, महफरीन, अमरीन, फराह, गुलशाना विफराना आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वहीं भौराकलां में नोटबंदी के कारण बैंकों में भीड़ बढ़ती जा रही है। बैंक प्रशासन के इंतजाम नाकाफी होने के कारण दूरदराज से आने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को बच्चों की पढ़ाई के लिए शुल्क जमा करने की दिक्कत आ गई हैं। सिसौली, मोहमदपुर रायसिंह और भौराकलां में बैंकों की शाखाओं में सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ी शुरू हो जाती है।
कैश की तंगी के कारण अधिकांश लोग बिना नगदी लिए घर लौट रहे हैं। श्रवण कुमार, सुरेश संगल, डॉक्टर बाबूराम, पदम् सिंह, ओमबीर राणा, डॉक्टर सुभाष आदि ने डीएम से बैंकों में कैश वितरण का समुचित बंदोबस्त करने की मांग की हैं। वहीं बुढ़ाना। कस्बे के कुछ बैंकों में तो मात्र दो घंटे में ही कैश खत्म हो गया। स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा तथा पंजाब नेशनल बैंक के बाहर लगी लंबी कतार में कई ग्राहकों को कैश नहीं मिल सका।
बीज की खरीदारी में पुराने नोटों का चलन से राहत मिलेगी। किसानों ने केंद्र सरकार से रबी की बुआई हेतु रसायानिक खादों की खरीदारी भी पुराने नोटों से करने की सुविधा दिए जाने की मांग की है। कस्बा व देहात के लोगों ने किसानों व शादी वालों के लिए अतिरिक्त काउंटर लगवाकर पैसे दिये जाने की मांग की है।