गांधी कालोनी में वार्ता करते विद्युत उपभोक्ता परिषद के पदाधिकारी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
विद्युत निगम में दलालों के बिना नहीं होता कोई काम
मुजफ्फरनगर। यूपी इंडस्ट्रीयल विद्युत उपभोक्ता परिषद ने विद्युत निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार में पूरी तरह लिप्त होने का आरोप लगाया है। संगठन से जुड़े उद्यमियों ने कहा कि विभाग में बिना दलाल के एक भी काम नहीं होता है। नए कनेक्शन और भार बढ़वाने के लिए 1500 प्रति केवी के हिसाब से खुलेआम रिश्वत ली जा रही है।
द्वारिकापुरी में एक रेस्टारेंट में आयोजित पत्रकार वार्ता में संगठन के चेयरमैन केएल अग्रवाल, सचिव रजनीश त्यागी ने कहा कि औद्योगिक उपभोक्ता विद्युत निगम की कार्यशैली से परेशान है। प्रतिदिन बिजली आपूर्ति में बाधा. ट्रिपिंग, फाल्ट को ठीक करने में अनावश्यक विलंब, जमा सिक्योरिटी का ब्याज का भुगतान नहीं मिलने से उद्यमी परेशान हैं। नए कनेक्शन और विद्युत भार में बढ़ोतरी के लिए दलालों का सहयोग लेना पड़ रहा है। बिना दलाल के एक भी काम विभाग में नहीं हो रहा है। नए कनेक्शन के लिए 1500 प्रति केवी के हिसाब से खुली रिश्वत ली जा रही है। उद्यमी की समस्या का किसी भी स्तर पर अधिकारी निस्तारण नहीं कर रहे हैं। वार्ता में भाजपा से जुड़े उद्यमी विपुल भटनागर और चेयरपर्सन के पति अशोक अग्रवाल ने कहा कि अफसर किसी की भी सुनने को तैयार नहीं हैं। उद्यमियों ने प्रत्येक जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो की शाखा स्थापित करने और विद्युत बिलों को जीएसटी में शामिल करने की मांग की। गत तीन माह के दौरान विद्युत वितरण खंड तृतीय, खतौली और प्रथम में हुए करोड़ों के घोटालों की जांच स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराने की मांग की। पत्रकार वार्ता में नवीन जैन, मनीष भाटिया, तरूण कुमार मौजूद रहे।