जन औषधि केंद्रों पर बुखार तक की दवा नहीं
मुजफ्फरनगर। आम जन को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए शुरू किए गए जन औषधि केंद्र सफेद हाथी बन गए हैं। इन केंद्रों पर गंभीर बीमारियां तो क्या सामान्य बुखार में इस्तेमाल होने वाली पैरासिटामॉल तक नहीं है। 700 दवाएं उपलब्ध कराने का दावा किया गया था, लेकिन 10-20 भी मुश्किल से मिल पा रही है। ये भी ऐसे दवाइयां हैं जिनका उपयोग ज्यादा नहीं होता।
केंद्र सरकार ने सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए हर जिले में जन औषधि केंद्र शुरू किए थे। स्वामी कल्याणदेव जिला चिकित्सालय और जिला महिला अस्पताल में भी एक-एक केंद्र शुरू हुआ था। इन केंद्रों पर शुगर, ब्लड प्रेशर, कैंसर, गैस्ट्रो, विटामिन्स, एंटीबायोटिक्स समेत करीब 700 दवाइयां उपलब्ध कराने का दावा किया गया था, लेकिन शुरुआत से अब तक 200 से ज्यादा दवा कभी नहीं रही। स्थिति यह है कि बीते कई महीनों से दोनों जन औषधि केंद्रों पर दवाइयों का भारी टोटा है। जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के सामने संचालित केंद्र पर तो सामान्य बुखार में प्रयोग होने वाली पैरासिटामॉल तक नहीं है। इस केंद्र पर कुल लगभग 20 प्रकार की वे दवाइयां उपलब्ध हैं, जिनका बहुत ज्यादा इस्तेमाल नहीं होता। महिला अस्पताल के केंद्र पर इससे थोड़ी ज्यादा दवाइयां हैं, लेकिन गंभीर और प्रचलित बीमारियों में सामान्य तौर पर प्रयोग में आने वाली दवाइयों का यहां भी टोटा है। महिला अस्पताल की सीएमएस डा. अमिता गर्ग ने भी इस संबंध में लखनऊ वार्ता की लेकिन दवाओं की सप्लाई नहीं हुई।
बार-बार कर रहे मांग, नहीं हुई सप्लाई
मुजफ्फरनगर। जनसुविधा केंद्रों पर काम करने वाले फार्मासिस्ट अनीस, विकास एवं गयूर ने बताया कि वे बीते कई महीनों से दवाइयों की सप्लाई के लिए मांग कर रहे थे। दवाओं की सप्लाई लखनऊ से होती है तथा इसके लिए ऑनलाइन आर्डर दिया जाता है। बार-बार आर्डर देने के बावजूद दवाएं नहीं भेजी हा रहीं।
70 से 80 प्रतिशत कम रहते हैं दाम
जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध दवाओं के दाम बाजार के मुकाबले 70 से 80 प्रतिशत तक कम रहते हैं। 120 रुपये में मिलने वाला मल्टी विटामिन्स का पत्ता मात्र 27 रुपये में मिलता है। आमतौर पर 90 रुपये में मिलने वाले डीएसआर कैप्सूल का पत्ता आठ रुपये से लेकर 20 रुपये में मिलता है, लेकिन उपलब्धता न होने के कारण आम जन को सस्ती दवाओं का कोई लाभ नहीं मिल रहा। मरीजों को महंगे दाम पर खुले बाजार से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं।
छह माह से नहीं मिली सेलरी
मुजफ्फरनगर। जन औषधि केंद्रों पर न केवल दवाओं का टोटा है, बल्कि इन पर काम करने वाले फार्मासिस्टों को छह माह सेलरी नहीं मिली। महिला अस्पताल के केंद्र पर एक तथा जिला अस्पताल के केंद्र पर दो फार्मासिस्ट कार्यरत हैं। प्रत्येक को 14835 रुपये मासिक का भुगतान तय है, लेकिन बीते छह माह से उन्हें वेतन नहीं मिला। इससे इन केंद्रों के संचालन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।