फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए नहीं बन सका कालेज

विज्ञापन
विज्ञापन
मोरना। भोकरहेड़ी कस्बे की नगर पंचायत को बने 47 साल बीत चुके हैं, मगर अभी तक क्षेत्र की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए कालेज नहीं मिल सका है। आबादी के लिहाज से भोकरहेड़ी व आसपास के जुड़े गांव की बेटियों के सामने इंटरमीडिएट के बाद की आने पढ़ाई के लिए दिक्कतें हैं। मोरना में वीतराग शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याण देव द्वारा स्थापित डिग्री कालेज तक आने जाने में 10 से 20 किलोमीटर का सफर तयक रहना पड़ता है।।
विज्ञापन

कस्बा भोकरहेड़ी को सन 1972 में सरकार की ओर से नगर पंचायत का दर्जा मिला था। नगर पंचायत चेयरमैन व सभासद पदों के लिए सन 1989 में चुनाव कराया गया था। जिसमें मदनपाल सहरावत को प्रथम चेयरमैन के रुप में कस्बा वासियों ने अपने मताधिकार से चुना था। 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या 17 हजार 829 थी। आठ साल में नगर की आबादी 22 हजार के करीब पहुंच चुकी है। वहीं कस्बे में तीन हजार 800 परिवार रहते हैं। मगर अभी भोकरहेड़ी कस्बे को शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की दरकार है। वहीं कस्बे के निकट के गांव मजलिसपुर तोफीर के मजरे गांव सिताबपुरी, महाराज नगर, नयागांव, खैरपुर, योगेंद्र नगर, खुशीपुरा, सीकरी, शुक्रतारी, फिरोजपुर बहुपुरा आदि के गांवों से आने वाली बेटियों को मोरना डिग्री कालेज आने के लिए सुबह के समय दो घंटे पहले तैयारी करनी पड़ती है। मोरना से सिताबपुरी गांव की दूरी 18 किमी है। वहीं मोरना समय से पहुंचने के लिए सुदृढ़ व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें