नौ माह बाद नहीं मिला कोई कोरोना का केस
मुजफ्फरनगर। शनिवार का दिन जनपद के लिए राहत भरा रहा। नौ माह में पहली बार ऐसा हुआ जब कोरोना का कोई भी संक्रमित केस नहीं मिला। लैब से 615 सैंपलों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई। जबकि तीन मरीज ठीक हुए। अब जनपद में कोरोना मरीजों की संख्या घट कर 34 रह गई है।
जनपद में कोरोना का सबसे पहला केस 8 अप्रैल 2020 को मिला था। इस दिन सिसौली की महिला पॉजिटिव पाई गई थी। उसी दिन शेरनगर और पुरकाजी में रह रहे तीन जमाती भी कोरोना संक्रमित मिले थे। तभी से जनपद में कोरोना संक्रमण का प्रकोप बढ़ता गया। 16 मई 2020 को एक भी मरीज कोरोना संक्रमित नहीं मिला था। इसके उपरांत जनपद में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता गया। सितंबर में 2700 मरीज कोरोना के मिले थे तथा इस माह 41 लोगों की भी कोरोना से मौत हुई थी। केस बढ़ने पर जिले में तीन कोविड अस्पताल बनाए गए। अक्तूबर और नवंबर में एक्टिव केस 1200 तक पहुंच गए थे। नवंबर से मरीजों में कमी होने लगी।
गांव के बजाए शहर में सबसे अधिक कोरोना का संक्रमण फैला। मरीज अधिक होने से उन्हें घरों में आइसोलेट किया गया। गंभीर मरीजों को कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिले में 115 लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है। जनवरी में कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन आने पर नागरिकों ने राहत महसूस की। जनवरी से ही कोरोना के केस कम मिलते गए। नौ महीन बाद शनिवार को ऐसा दिन आया, जब कोरोना का एक भी केस नहीं मिला।
सीएमओ डॉ प्रवीण चोपड़ा ने बताया कि शनिवार को मेरठ लैब से 615 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। एंटीजन जांच में भी कोई भी केस कोरोना का नहीं मिला है, जबकि तीन मरीज ठीक हुए हैं। अभी तक जनपद में कोरोना के 8623 केस मिल चुके है, जिनमें से 8479 मरीज ठीक हो गए है। अब जनपद में 34 मरीज कारोना के है, जिनका उपचार चल रहा है।