Muzaffarnagar News: यूपी के मुजफ्फरनगर स्थित शाहपुर में बुआ माना ने अपनी भतीजी इसरा की हत्या कर दी और उसकी मां व अन्य बच्चों को घायल कर दिया। शादी तय होने पर भी प्रेमी से बात करने पर भाभी फिरदौस अपनी ननद माना को टोकती थी। इसीलिए वारदात को अंजाम दिया गया।
शाहपुर थाना क्षेत्र के बसी कलां गांव में प्रेमी से मोबाइल पर बात करने को लेकर टोका-टाकी की रंजिश में ननद माना ने भाभी फिरदौस पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। चार साल की भतीजी इसरा को घर में रखे पानी के टैंक में फेंककर ढक्कन बंद कर दिया, जिससे बच्ची की मौत हो गई। तीन अन्य बच्चे भी हमले में घायल हुए हैं। महिला का मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात से पहले परिवार के आठ सदस्यों को चाय में नशे की गोलियां मिलाकर पिलाई गई थी।
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वारदात के बाद एकत्र हुए लोग।
- फोटो : अमर उजाला
बसी कलां गांव से सोमवार रात लगभग दो बजे बुजुर्ग यामीन के घर में उनकी पुत्रवधू फिरदौस पर हमला कर चार साल की पोती इसरा के अपहरण की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। महिला के पेट और हाथ पर चाकू से वार किए गए थे। परिजन घायल को उपचार के लिए मेरठ ले गए। मामूली घायल साद (10), आयशा (08), नबिया (07) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया गया।
अपहृत बताई गई इसरा की तलाश में पुलिस ने दो घंटे तक छानबीन की। घर में ही रखे पानी के टैंक से मासूम का शव मिला। शक के आधार पर पुलिस घायल महिला की ननद माना (24) को थाने लेकर पहुंची। पुलिस की पूछताछ के बाद हत्या और जानलेवा हमले की वारदात की गुत्थी सुलझ गई।
एसएसपी संजय वर्मा ने मंगलवार को पुलिस लाइन में बताया कि ननद की शादी तय हो गई थी लेकिन इसके बाद भी वह गांव के लड़के से मोबाइल पर बातचीत करती रहती थी। उसकी भाभी बातचीत करने से मना करती थी। घायल महिला के भाई बुढ़ाना निवासी गुलजार ने मुकदमा दर्ज कराया है।
आठ सदस्यों को खिलाई थी नशे की 17 गोलियां
पुलिस जांच के दौरान घर से नशे की 20 गोलियों वाला पत्ता मिला है, इनमें सिर्फ तीन गोलियां बची हुई थीं। आरोपी ने रात के समय चाय में नशे की गोलियां मिला दी, जिससे परिवार बेहोश हो गया। इसके बाद इसरा को पानी के टैंक में फेंककर ढक्कन बंद कर दिया। चाकू से फिरदौस पर वार किए, लेकिन उसकी आंख खुल गई। शोर-शराबा होने पर पड़ोसी और परिवार के अन्य सदस्य भी जाग गए। इसके बाद लापता बच्ची के अपहरण का शोर मच गया।
घर में ये सदस्य थे मौजूद
बुजुर्ग यामीन, उनकी पत्नी बाली, बेटी माना (24), पुत्रवधू फिरदौस, पोता शाद (10), पौत्री आयशा (10), नबिया (07) एवं इसरा (04), इसके अलावा दूसरी बुआ भी घर में मौजूद थीं। फिरदौस का पति इमरान कपड़े की फेरी लगाने के लिए लखनऊ गया हुआ है।