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Muzaffarnagar News: सियासत की नई जोड़ी, पश्चिम का मोर्चा संभालेंगे योगी-जयंत

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मुजफ्फरनगर जनसभा के दोरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात का इंतजार करने को लाइन में लगे - फोटो : Archive
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मुजफ्फरनगर। भाजपा-रालोद गठबंधन के बाद पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत सिंह ने जिले में मंच साझा किया। दोनों दलों के नेताओं में उर्जा का संचार दिखा। एक-दूसरे की तस्वीरें साझा की गई। संयोजक कपिल देव अग्रवाल ने दोनों को एक साथ फोटो फ्रेम भी दिया।
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विधानसभा चुनाव 2022 में रालोद का सपा के साथ गठबंधन रहा। चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व सीएम अखिलेश यादव और तब रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह की जोड़ी पर भी सियासी हमले किए थे। दोनों तरफ से वार-पलटवार किए गए।
वर्ष 2024 में रालोद एनडीए का हिस्सा बन गया। इसके बाद दोनों दलों के नेता एक-दूसरे के साथ मंच साझा करने लगे। चौधरी जयंत सिंह के केंद्र में मंत्री बनने के बाद से यह पहला मौका था, जब दोनों नेता एक मंच पर दिखे। केंद्रीय राज्यमंत्री के विभाग का कार्यक्रम था और उद्घाटन मुख्यमंत्री ने किया।
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जनसभा में दोनों ही नेता एक-दूसरे की प्रशंसा भी करते नजर आए। रालोद अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री किसानों की चिंता करते हैं। उधर, मुख्यमंत्री ने कहा कि जयंत चौधरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
योगी और जयंत की जोड़ी को लेकर दोनों दलों में उर्जा देखने को मिली। विधानसभा चुनाव 2027 में पश्चिम के मोर्चे पर जब चुनाव का बिगुल बजेगा, तब एनडीए के लिए सबसे आगे यही जोड़ी दिखाई देगी।

एनडीए में इसलिए महत्वपूर्ण है जयंत सिंह
विधानसभा चुनाव 2027 में पश्चिम यूपी के मोर्चे पर रालोद अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत सिंह एनडीए के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। असल में 2022 के विधानसभा चुनाव के अलावा वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में रालोद ने बेहतर प्रदर्शन किया था। लोकसभा में हिस्से में आई दोनों सीटों पर रालोद ने जीत दर्ज की। मुजफ्फरनगर की बात करें तो फिलहाल पांच सीटों पर रालोद के विधायक हैं।


बालियान से सियासी दूरी...जयंत सिंह से बढ़ी नजदीकी
मुजफ्फरनगर। कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान के बीच समय-समय पर सियासी खटास नजर आई है। दोनों कभी एक साथ नजर आते थे लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले ही दूरी बढ़नी शुरू हो गई थी। अब एक ही विभाग के मंत्री होने के बाद अग्रवाल की जयंत सिंह से नजदीकी बढ़ती नजर आ रही है। अग्रवाल के प्रस्ताव पर ही रोजगार मेले का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जयंत चौधरी को एक मंच पर लाने में वह कामयाब भी रहे।

मुजफ्फरनगर जनसभा के दोरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात का इंतजार करने को लाइन में लगे - फोटो : Archive

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