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Muzaffarnagar News: नलकूप कनेक्शन में बंदरबाट, फिर खुली फाइल...13 मई को सुनवाई

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मुजफ्फरनगर। करीब 19 साल पहले 200 नलकूप कनेक्शन की बंदरबांट करने वाले उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों की मुसीबत फिर बढ़ गई है। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) मेरठ की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी, अब 22 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिल गई है। राहत के लिए आरोपी नरेंद्र सिंह और बृजेश सिंह ने अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की, जिस पर 13 मई को सुनवाई होगी।
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मुजफ्फरनगर विद्युत वितरण मंडल से मुजफ्फरनगर और शामली जिले को वर्ष 2006-2007 में 941 किसानों को नलकूप कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य रखा गया था। इसके विपरीत सामान्य योजना के तहत 200 कनेक्शन अतिरिक्त आवंटित किए गए।
इसमें पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष एवं मुख्य अभियंता के लेटरपैड के साथ जनप्रतिनिधियों के फर्जी पत्रों का प्रयोग किया गया। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन शक्ति भवन लखनऊ के सतर्कता विभाग के निरीक्षक वीरेंद्र कुमार राय ने चार मार्च 2008 को आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 470, 471, 477A और 120 बी के तहत 33 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
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जांच में सामने आया नौ अक्टूबर 2007 में विद्युत वितरण खंड प्रथम एवं द्वितीय एवं विद्युत वितरण मंडल मुजफ्फरनगर से लक्ष्य के विपरीत कनेक्शन बांटकर सामान दिया गया। सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी पर मुकदमा चलाने की अनुमति मिलने में ही करीब 19 साल गुजर गए। अब आरोपियों ने जिला सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल करने शुरू किए।
इससे पहले आठ सितंबर 2023 को लाइन बिछाने का काम करने वाले भोपा थाने के कसौली निवासी राशिद और कोतवाली थाना क्षेत्र के तिगरी निवासी सोहन लाल सैनी के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। प्रकरण मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में विचाराधीन है।

इन नेताओं की चिट्ठी का किया दुरुपयोग
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राम आसरे वर्मा के 12, पूर्व मंत्री रहे दिवंगत चितरंजन स्वरूप का एक, तत्कालीन हथकरघा उद्योग की अध्यक्ष उमा किरण का एक, तत्कालीन बिजनौर विधायक शाहनवाज राना के एक पत्र सहित 16 पत्रों को कनेक्शन देने में प्रयोग किया गया था। जांच में यह सब फर्जी पाए गए।

इन अधिकारियों को बनाया आरोपी
नोएडा निवासी सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता अखिल श्रीवास्तव, सहारनपुर निवासी जगदीश प्रसाद और सहारनपुर के चिलकाना निवासी समय सिंह ने हाल में हाईकोर्ट से जमानत करा ली है। इनके अलावा बृजेश कुमार, नरेंद्र सिंह, कुंवरपाल सिंह, योगेंद्र बजाज, मेरठ के शास्त्री नगर निवासी रमेश चंद, हापुड़ के चमन सिंह, सहारनपुर के अवतार सिंह, संजय कुमार, हाथरस निवासी उपमंडलीय अधिकारी राजेश कुमार, प्रेम सिंह, मेरठ के गंगा नगर निवासी रामतीर्थ, आगरा निवासी लिपिक सुरेंद्र नाथ, मेरठ निवासी कर्म सिंह और वेदप्रकाश समेत 22 को आरोपी बनाया गया। अन्य नामजद आरोपियों की मेरठ आर्थिक अपराध शाखा विवेचना प्रचलित है।
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