क्या था मामला
पीड़िता का कहना था कि 2012 में जब वह बुढ़ाना स्थित अपनी ससुराल आई थी, तो उसके देवर मिनाजुद्दीन ने उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की थी। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और पति ने उसे पुलिस से शिकायत नहीं करने दी थी। अगस्त 2020 में वर्सोवा थाने से एफआईआर बुढ़ाना थाना शिफ्ट हो गई थी। बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नवाजुद्दीन सिद्दीकी की गिरफ्तारी के विरुद्ध स्टे कर दिया था।
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दो साल पहले दर्ज कराए थे बयान
नवाजुद्दीन की पत्नी आलिया 16 अक्तूबर 2020 को मुकदमे के तत्कालीन विवेचक वीर नारायण सिंह के साथ अदालत पहुंची थी। सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में बयान दर्ज कराते हुए मुकदमे में लगाए गए आरोपों का समर्थन किया था।