मुजफ्फरनगर। एक दौर सादगी और सरलता का था। उसूलों की बातें होती थी। कुतुबपुर गांव के अनुसूचित जाति के गायक नंदराम के भजन सामाजिक जागरूकता का संदेश देते थे। चौधरी चरण सिंह उनके भजनों से प्रभावित हुए। एक दिन घर भी पहुंच गए। साग-रोटी खाई, देर रात तक भजन सुनें। इन्हीं नंदराम को चौधरी साहब ने चरथावल सुरक्षित सीट से टिकट दिया और दो बार विधायक बनवाया।
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह को लोकगीत बेहद पसंद थे। लोक गायकों का वह बेहद सम्मान करते थे। मुजफ्फरनगर में उनकी सभा जब भी होती, तब कुतुबपुर गांव के दलित नंदराम भजन सुनाया करते थे। चौधरी चरण सिंह के भजन से पहले नंदराम का भजन जरूर होता था। बुजुर्ग बताते हैं कि चौधरी चरण सिंह नंदराम की झोंपड़ी में कई बार पहुंचे थे। यहीं पर साग-रोटी खाते और देर रात भजन सुनते थे। चौधरी चरण सिंह ने उन्होंने 1974 और 1977 में टिकट देकर चरथावल सुरक्षित सीट से विधायक बनवाया था। चौधरी चरण सिंह और नंदराम के आपसी प्रेम और विश्वासन के किस्से खूब सुने-सुनाए जाते हैं। विधायक बनने के बाद नंदराम सामाजिक जागरूकता के भजन गाते और सुनाते रहे।