मुजफ्फरनगर। प्राथमिक विद्यालय नंबर-एक किनौनी के शिक्षामित्र बीएलओ अनुजवीर के जहरीले पदार्थ का सेवन करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। परिजनों का आरोप है कि प्रधान के पति देवेंद्र कुमार, सुपरवाइजर पंकज कुमार और ग्राम पंचायत सहायिका ने गलत तरीके से दबाव बनाया।
गांव में चर्चा है कि कुख्यात विनोद बावला ने पत्नी का वोट बनवाने के लिए कागज दिए थे। कर्मचारियों ने कागज वापस देने का दबाव बनाया। परिजनों ने यह भी कहा कि विनोद ने उन्हें कुछ नहीं कहा लेकिन प्रधान के पति की गलती है।
बीएलओ अनुजवीर का मेरठ मेडिकल में उपचार चल रहा है। बीएसए संदीप चौहान ने मेरठ मेडिकल पहुंचकर बीएलओ के स्वास्थ्य की जानकारी ली। बीएलओ की पत्नी किरण और भाभी बेबी ने मीडिया को दिए बयान से मंगलवार को मामले में नया मोड़ आ गया।
दोनों ने कहा कि प्रधान के पति समेत तीन लोगों ने उत्पीड़न किया। आरोप है कि बीच के लोगों ने ही विनोद बावला के नाम से डराया। घर से सारे कागज भी ले गए। फार्म खराब भी कर दिए।
सुपरवाइजर पंकज कुमार का कहना है कि बीएलओ ने गांव में रहने वाले विनोद नाम के ग्रामीण की पत्नी की वोट बनवाने के बारे में कहा था। उन्होंने आधार कार्ड व अन्य कागजात लाकर वोट बनवाने की बात बीएलओ से कही। विनोद कौन है, वह नहीं जानता।
बीएसए संदीप कुमार ने कहा कि एसआइआर के कार्य के दबाव का कोई मामला नही है। गांव में आपस के किसी विवाद की बात सामने आई है। एसएसपी संजय कुमार का कहना है कि अभी शिकायत नहीं मिली है। शिक्षा विभाग ने भी जानकारी नहीं दी है। जांच कराई जाएगी।