मुजफ्फरनगर के बहुचर्चित रामपुर तिराहा कांड से जुड़े कथित हथियार बरामदगी मामले में आज अदालत फैसला सुना सकती है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम एवं विशेष सीबीआई न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई, जहां तीनों आरोपी अदालत में पेश हुए। दोपहर बाद फैसले की संभावना जताई जा रही है।
वर्ष 1994 की घटना से जुड़ा है मामला
एक अक्तूबर 1994 को तत्कालीन झिंझाना थाना प्रभारी ब्रज किशोर ने सिपाही अनिल कुमार, उमेश कुमार और कमल किशोर के साथ रामपुर तिराहा पर बसों की जांच की थी। इस दौरान आंदोलनकारियों के कब्जे से तमंचे और खुखरी बरामद करने का दावा करते हुए छपार थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
सीबीआई जांच में उठे सवाल
बाद में मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने अपने हाथ में ली। जांच के दौरान पुलिस द्वारा बरामद दिखाए गए तमंचों को न्यायालय के आदेश पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि जिन कारतूसों को तमंचों के साथ भेजा गया था, वे उन हथियारों से चलाए ही नहीं गए थे।
इसके बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने तत्कालीन थाना प्रभारी ब्रज किशोर और सिपाही अनिल कुमार, उमेश कुमार तथा कमल किशोर के खिलाफ मामला दर्ज किया। सुनवाई के दौरान कमल किशोर की मृत्यु हो चुकी है। वर्तमान में ब्रज किशोर, अनिल कुमार और उमेश कुमार इस मामले में आरोपी हैं। अब सभी की नजर अदालत के फैसले पर टिकी है, जो दोपहर बाद आने की संभावना है।