विगत चार महीने पूर्व भी किसान ने जमीन को कब्जा मुक्त करने के लिए आत्मदाह की चेतावनी दी थी। उस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने एक महीने में समस्या का समाधान कराए जाने का आश्वासन दिया था। चार महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक किसान की जमीन को कब्जा मुक्त नहीं कराया गया।
पीड़ित किसान ने तहसील अधिकारियों को बताया था कि वह तीन नवंबर को मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचकर परिवार के साथ आत्मदाह करेगा।
संपूर्ण समाधान दिवस में किसान ने पहुंचकर डीएम को अपनी समस्या से अवगत कराने के बाद एक शीशी निकाली जिसमें ज्वलनशील पदार्थ था, उसे अपने ऊपर उड़ेल लिया। किसान को ऐसा करते देख पुलिस उसे पकड़कर बाहर ले गई। बाहर उसने माचिस से आग लगाने का प्रयास किया। पुलिस टीम उसे एसडीएम कार्यालय में बने बाथरूम में ले गई जहां उस पर पानी डाला।
पीड़ित का कहना था कि जमीन तो कब्जा मुक्त नहीं हो रही है, भू-माफिया उसे लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी भू माफिया मिले हुए हैं। यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो परिवार के साथ जान दे दूंगा।
डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कहा कि भूमि संबंधित वाद एसडीएम खतौली की कोर्ट में विचाराधीन है। जिस पर दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कार्रवाई की जाएगी।