बढ़ी ठंड में बचाव के लिए सिर पर ऊनी टोपी लगाकर जाती स्कूटी सवार।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर/खतौली। जिले में भीषण ठंड का प्रकोप शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को शीत लहर से लोग कांप उठे। दिन भर सूरज नहीं दिखा और कोहरा छाया रहा। बीच-बीच में चली ठंडी हवा के कारण लोगों ने घरों में ही रहना उचित समझा। सुबह भीषण ठंड में छात्र-छात्राओं को स्कूल जाना पड़ा।
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है। बृहस्पतिवार की सुबह से जबर्दस्त ठंड रही। जिले में अधिकतम तापमान गिरकर 18 डिग्री पर आ गया है जबकि न्यूनतम तापमान 11 डिग्री रहा। अधिकतम तापमान में गिरावट से ठंड का असर बना रहा। दिन भर सूरज नहीं निकला और कोहरा छाया रहा। बीच-बीच में ठंडी हवा चलने से लोग सिहर उठे। सुबह छात्र-छात्राओं को भी कांपते हुए स्कूल जाना पड़ा। बच्चे पूरी तरह से गर्म कपड़ों में लिपटते हुए थे। दिन में लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। कार्यालयों में भी फरियादियों की संख्या बेहद कम रही। उधर, खतौली मेें देर शाम को हल्की बारिश होने से मौसम में ठंडक बढ़ गई। जिससे नगर के सभी मार्केट बंद हो गई और दुकानदार अपनी घर चले गए। एसडीएम अजय कुमार ने ठंड को देखते हुए पालिका और रोडवेज में रैन बसेरा का निरीक्षण किया।
बरतें सावधानी, कहीं हो न जाएं बीमार
मुजफ्फरनगर। कड़ाके की ठंड में सावधानी बरतने की जरूरत है। यह ठंड बच्चों और बुजुर्गों के लिए मुसीबत भरी हो सकती है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डा. लोकेश गुप्ता बताते हैं कि सर्दी बढ़ऩे के साथ दिल के मरीजों की दिक्कत बढ़ऩे लगती हैं। घने कोहरे एवं ज्यादा ठंड में हार्ट पेशेंट को मॉर्निंग वॉक से बचना चाहिए। गर्म कपड़े पहने और जितना हो सके खुले में निकलने से बचें। ठंड के बावजूद बच्चे और युवा आइसक्रीम व कोल्डड्रिंक आदि का सेवन करते हैं, इससे बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि गुनगुने पानी का सेवन बेहतर रहता है। कोहरे के कारण श्वांस रोगियों को भी दिक्कत हो सकती हैं। अधिक ठंड और कोहरे में श्वांस नलियां सिकुड़ जाती हैं। इससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगती है।