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भाजपा की बैठक में छलका विधायकों का दर्द, समितियों के आरक्षण को लेकर उमेश मलिक को घेरा

Mon, 15 Jan 2018 11:54 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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बैठक में हिस्सा लेते सांसद,विधायक और भाजपा पदाधिकारी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले में सहकारिता के चुनाव में विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों को विश्वास में नहीं लेने का मामला गरमाया रहा। निशाने पर प्रभारी बनाए गए बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक रहे। समितियों की आरक्षण प्रक्रिया में नहीं पूछने पर विधायकों का दर्द छलक पड़ा। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने तो यहां तक कह दिया कि यही हाल रहा तो सहकारिता के चुनाव में भी नगर पालिका जैसा हश्र हो जाएगा। 
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आर्य समाज मंदिर प्रांगण में भाजपा की सहकारिता के विभिन्न चुनावों को लेकर पार्टी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधायकों, पदाधिकारियों की उपेक्षा का दर्द छलकता नजर आया। सबसे पहले सहकारिता के जिले के प्रभारी बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक ने बताया कि जिले की 68 समितियों के चुनाव को लेकर किस प्रकार तैयारी की गई हैं। चुनाव को लेकर पार्टी की क्या रणनीति रहेगी।

इसके बाद बैठक में मौजूद पुरकाजी विधायक प्रमोद ऊंटवाल ने कहा कि सहकारिता के चुनाव में उनसे कोई बातचीत नहीं की गई। उनके क्षेत्र में उनसे बिना पूछे आरक्षण तय कर दिया गया। पूर्व जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता रामकुमार सहरावत ने कहा कि उनके गांव को लेकर उनसे बात नहीं की गई। पार्टी कार्यकर्ताओं को कोई तवज्जों नहीं दी जा रही है। खतौली विधायक विक्रम सैनी ने कहा कि आरक्षण आदि को लेकर उनसे भी कोई बात नहीं की गई। चुनाव बिना सबके सहयोग के नहीं जीता जा सकता। भाजपा कार्यकर्ताओं को चुनाव में पूछा ही नहीं जा रहा है। 
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विक्रम सैनी ने तो यहां तक कह दिया कि 28 जनवरी से होने वाले सहकारी समितियों के चुनाव को जिले में स्थगित करा देना चाहिए। इस पर पार्टी के विधायक कपिलदेव अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने भी हामी भर दी। आरोप-प्रत्यारोप के बीच सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान ने कहा कि सहकारिता को लेकर सभी कार्यकर्ताओं का मान-सम्मान रहना चाहिए।

जिलाध्यक्ष रुपेंद्र सैनी ने कहा कि जिला सहकारी बैंक और डीसीडीएफ दोनों पर पार्टी का कब्जा हो, इसके लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। पूर्व सांसद अनुराधा चौधरी, पूर्व सांसद सोहनवीर बालियान, पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल पंवार, पूर्व जिलाध्यक्ष देवव्रत त्यागी, सुरेंद्रदेव शर्मा, जिला प्रभारी अरुण वशिष्ठ, पूर्व जिलाध्यक्ष सतपाल पाल, पूर्व विधायक अशोक कंसल, जगदीश पांचाल, जयदेव बालियान, नितिन मलिक, श्रीकांत त्यागी, प्रवीण शर्मा, सुशील त्यागी, भूषण सिंह आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता रुपेंद्र सैनी और संचालन हरीश अहलावत ने किया। 

एकला चलो की नीति से बनी ऐसी स्थिति 
भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप का कारण एकला चलो की नीति रही। सहकारिता की जिम्मेदारी मिलने के बाद विधायक उमेश मलिक एकला चलो की नीति पर काम कर रहे थे। पार्टी के पुराने दिग्गज नेताओं और विधायकों को भी उन्होंने विश्वास में नहीं लिया। यही कारण रहा कि पार्टी की बैठक में उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। 

एक गुट चुनाव स्थगित कराने की तैयारी में 
28 जनवरी से शुरू होने वाले साधन सहकारी समिति के चुनाव जिले में स्थगित कराने के लिए पार्टी का एक गुट सक्रिय हो गया है। पार्टी के ये नेता जल्द ही लखनऊ में प्रदेश के सहकारिता मंत्री से मिलेंगे। सूत्रों की मानें तो पार्टी नेताओं के साथ मंत्री से मिलने वालों में कुछ विधायक भी शामिल रहेंगे।
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