मामले में पुलिस ने आरोपियों पर दबाव बनाया तो उन्होंने कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार से उनके आवास पर जाकर ऊर्जा निगम अभियंता की ओर से पुलिस में की गई शिकायत की जानकारी दी। कैबिनेट मंत्री ने मुख्य अभियंता से तहरीर वापस लेने की बात कही। कैबिनेट मंत्री ने फॉल्ट ठीक करने में 20 से 30 घंटे का समय लगने पर नाराजगी जाहिर की। अभियंता को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वह पहली और आखिरी बार यह कह रहे हैं।
सरकारी कार्य में बाधा डालने में प्राथमिकी दर्ज
नई मंडी कोतवाली पुलिस ने ऊर्जा निगम के अवर अभियंता तकनीकी रमनजीत सिंह की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की है। मोनू, आशु बालियान और अभिषेक त्यागी के अलावा 15-20 अज्ञात लोगों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित बंधक बनाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डीएम से बोले मंत्री...सुबूत हो तो लिखवाए प्राथमिकी
कैबिनेट मंत्री ने डीएम उमेश मिश्रा को कॉल की, इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ट्रांसफार्मर बदलने में 20 से 30 घंटे का समय लग रहा है। ऐसे में स्वाभाविक रूप से गर्मी से परेशान लोग सड़क पर उतरेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सभी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराया जाएगा। अगर सुबूत है तो प्राथमिकी लिखवाएं। उर्जा निगम को बंधक बनाने का सुबूत देना चाहिए।
पीछे हटने का मेरा रिकॉर्ड नहीं रहा : गुप्ता
शहरी क्षेत्र में ऊर्जा निगम के 350 अधिकारी और कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। भीषण गर्मी में रातभर जागकर कार्य करने वाले निगम कर्मचारियों पर यदि ज्यादती होगी तो कैसे बर्दाश्त की जाएगी। ईमानदारी से कार्य करने वाले विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के अधिकारों के लिए पक्ष रखा जाएगा। मेरा रिकॉर्ड पीछे हटने का नहीं रहा है। संभल में भी इसी तरह कार्रवाई की थी। - विनोद कुमार गुप्ता, मुख्य अभियंता ऊर्जा निगम
इस तरह बोले कैबिनेट मंत्री
बीस घंटे या तीस घंटे में ट्रांसफार्मर चेंज करोगे क्या। एक बात सुनो चीफ साहब अगर यह मुकदमा लिखवाया ना तो ठीक नहीं होगा। इन लड़कों ने धन्यवाद कर दिया, माफी भी मांग ली। हम आपकी सारी बात समझते हैं, गर्मी है परेशानी हो सकती है। एक बात सुनो, जो मैं कह राह हूं, उसे समझो, यह मुकदमा लिखा नहीं जाना चाहिए। फर्स्ट एंड लास्ट बता रहा हूं। ऐसा न हो दोबारा सारे के सारों को लेकर बैठना पड़े।