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भैसाना, तितावी, खाईखेडी भुगतान में फिसड्डी

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भैंसाना, तितावी, खाईखेड़ी भुगतान में फिसड्डी
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मुजफ्फरनगर। जिले के किसानों का चीनी मिलों पर 693 करोड़ रुपये का बकाया है। भैंसाना, तितावी और खाईखेड़ी चीनी मिल भुगतान में सबसे पीछे हैं। भैंसाना ने अभी तक इस सत्र के भुगतान की शुरूआत नहीं की है।
जिले की चीनी मिलों में किसान अब तक 13 अरब आठ करोड़ पांच लाख रुपये का गन्ना डाल चुके हैं। चीनी मिलों ने किसानों का अब तक छह अरब 14 करोड़ 71 लाख का भुगतान किया है। चीनी मिलों पर इस सत्र का कुल बकाया 693 करोड़ 34 लाख रुपये है। इसमें 14 दिन से अधिक का भुगतान ही 469 करोड़ रुपये है। 14 दिन के नियम के हिसाब से जिले की चीनी मिलों ने अब तक केवल 56.68 प्रतिशत भुगतान किया है।
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जिले में भैंसाना एक मात्र चीनी मिल है, जिसने इस सत्र के भुगतान की शुरूआत नहीं की है। भैंसाना पर 204 करोड़ रुपये बकाया है। खतौली चीनी मिल ने अब तक 311 करोड़ के गन्ने की पेराई की है, जिसमें वह 206 करोड़ का भुगतान कर चुकी है। चीनी मिल ने 14 दिन के नियम के हिसाब से 79.37 प्रतिशत भुगतान कर दिया है। तितावी चीनी मिल ने 182 करोड़ में मात्र 44 करोड़ का भुगतान किया है। चीनी मिल ने केवल 30 प्रतिशत ही भुगतान किया है। मंसूरपुर चीनी मिल ने 183 के मुकाबले 121 करोड़ का भुगतान कर दिया है। मिल 79 प्रतिशत भुगतान कर चुकी है। टिकौला चीनी मिल ने 234 करोड़ के मुकाबले 197 करोड़ का भुगतान किया है। टिकौला ने सबसे ज्यादा 85 प्रतिशत भुगतान किया है। खाईखेड़ी चीनी मिल ने 84 करोड़ में केवल 21 करोड़ दिया है, मिल 31.84 प्रतिशत भुगतान ही कर पाया है। रोहाना ने 36 करोड़ के मुकाबले 13 करोड़ भुगतान किया है, केवल 47 प्रतिशत भुगतान हुआ है। मोरना मिल ने 70 करोड़ के स्थान पर 37 करोड़ भुगतान किया है, मिल 63 प्रतिशत भुगतान कर चुकी है। भुगतान में यहां भैंसाना, तितावी और खाईखेडी सबसे पीछे चल रहे हैं।
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