मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने को किसान दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। अफसरों की लापरवाही के चलते किसानों का डाटा फीड करने में हुई गलती के कारण परेशानी बढ़ गई है। किसी के खाते गलत हैं तो किसी की खाता संख्या गलत फीड कर दी गई है। शिकायतों के बावजूद उसमें सुधार नहीं हो रहा, जिससे बड़ी संख्या में किसान योजना का लाभ पाने से वंचित हैं।
जिले में किसान सम्मान निधि के तहत वर्ष 2019 में 1.48 लाख किसानों के खातों में 88.80 करोड़ की राशि गई। एक साल में तीन किस्तों में किसानों को छह हजार रुपये दिए जाने हैं। लेकिन अब भी बड़ी तादाद में ऐसे किसान हैं जिन्हें एक भी किस्त नहीं मिली। इतना ही नहीं जिन्हें तीन किस्तेें मिल गई हैं उन्हें खाता संख्या या आधार गलत होने की मैसेज मिले हैं। किसान परेशान कभी तहसील तो कभी उप निदेशक कृषि कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उप निदेशक कृषि जसवीर सिंह तेवतिया के मुताबिक 58 हजार 966 किसानों का डाटा सही कर शासन को भेजा जा चुका है।
टोल फ्री नंबर पर करें शिकायत
किसान सम्मान निधि के लिए भारत सरकार ने आईवीआरएस आधारित कॉल सेंटर की शुरुआत की है। इसका टोल फ्री नंबर 1800115526 एवं 155261 है। किसान योजना की अपनी किस्त की स्थिति आधार नंबर या मोबाइल नंबर का प्रयोग कर जान सकते हैं।
गलत खातों में गई धनराशि
बड़ी संख्या में ऐसे भी किसान है जिनकी धनराशि दूसरे व्यक्तियों के बैंक खातों में चली गई है। उप निदेशक कृषि का कहना है कि ऐसे किसान अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्हें पोर्टल पर अपलोड कर निस्तारण कराया जाएगा।