शामली के कसेरवा बिजलीघर पर पुलिस पर हमले के मामले में एक दोषी को तीन साल कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायालय/पॉक्सो कोर्ट नंबर एक के विशेष जज रितिश सचदेवा ने फैसला सुनाया।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता कुलदीप सिंह पुंडीर ने बताया कि 21 जून 2010 को कसेरवा खुर्द और कसेरवा कलां में ग्रामीणों ने कसेरवा बिजलीघर पर हंगामा किया। पड़ोसी गांव गोगवान व बधुपुरा जाने वाली बिजली लाइन के तार क्षतिग्रस्त कर दिए। सीओ शामली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तो विरोध और फायरिंग की गई। हमले में सीओ के ड्राइवर सिपाही संत कुमार घायल हो गए।
एसओ वादी राजपाल सिंह ने कसेरवा खुर्द सुकील उर्फ सुखपाल और नीटू समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में नीटू को दोषमुक्त करार दिया। अभियोजन की ओर से छह गवाह पेश किए गए।