मुजफ्फरनगर में बढ़ रहा प्रदूषण का खतरा।
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मुजफ्फरनगर में वायु प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर छापा मारा गया। क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि मेरठ रोड स्थित त्रिमूर्ति इंजीनियरिंग वर्कस पर (इंडक्शन फर्नेस) से अत्यधिक मात्रा में उत्सर्जन पाया गया। इस इकाई पर 65 लाख 75 हजार जुर्माना लगाए जाने और और वायु अधिनियम के अंतर्गत बंदी की कार्रवाई किये जाने की संस्तुति बोर्ड मुख्यालय लखनऊ से की गई है। अन्य कई जगह छापा मारकर प्रदूषण विभाग ने जुर्माना लगाया है।
प्रदूषण अधिकारी ने बताया कि जनपद में वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान प्रभावी किया गया है। त्रिमूर्ति इंजीनियरिंग वर्क्स (इंडक्शन फर्नेस) से अत्यधिक मात्रा में उत्सर्जन होता हुआ पाया गया। फैक्टरी का वायु प्रदूषण नियंत्रण संयंत्र भी काम नहीं कर रहा था और प्रदूषण विभाग से लिया जाने वाला लाइसेंस भी नहीं लिया गया था।
भोपा रोड स्थित श्यामा जी ट्रेडर्स एवं जानसठ रोड स्थित कृष्णा बिल्डिंग मैटीरियल द्वारा खुले में निर्माण सामग्री भंडारित किये जाने से धूल उत्सर्जन के चलते 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाए जाने की संस्तुति नगर मजिस्ट्रेट मुजफ्फरनगर को प्रेषित की गई है।
शहर में निकली प्रदूषण विभाग की एंटी स्मॉग गन
शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार लाए जाने के लिए दमकल विभाग, स्थानीय निकायों एवं उद्योगों के सहयोग से शहर में वाटर स्प्रिंकलिंग कराई गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा एंटी स्मॉग गन का प्रयोग शहर के विभिन्न मार्गों पर कराया गया, जिससे धूल उत्सर्जन में कमी लायी जा सके।
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