गंगा बैराज पर गंगा यात्रा के शुभारंभ अवसर पर पूजन करते सीएम योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
गंगा की लहरों से निकलेगा उन्नति का रास्ता
मुजफ्फरनगर। सोमवार को गंगा यात्रा के आगाज के साथ इसके किनारे पर बसी आबादी की तरक्की का रास्ता भी खुल गया। सीएम ने साफ कहा कि गंगा को केवल आस्था तक सीमित नहीं रखना, बल्कि इसे ब्रांड बनाया जाएगा। इसके किनारे पर बसे लोग जो भी उत्पाद तैयार करेंगे, उसकी देश और दुनिया में ब्रांडिंग सरकार करेगी। उत्पादों को गंगा ब्रांड के नाम से बाजार में उतारा जाएगा।
देवभूमि उत्तराखंड से निकलकर गंगा सबसे पहले बिजनौर में प्रवेश करती है और मुजफ्फरनगर इसके दूसरे छोर पर है। सीएम का जोर गंगा को अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर रहा। जिस नदी के किनारे सभ्यताएं विकसित हुईं और लोगों को आजीविका मिली, उसे हम व्यक्तिगत स्वार्थ से बिसरा रहे हैं। विकास की राह में किनारे पर बसे क्षेत्र पिछड़ते चले गए। यह गंगा यात्रा इन्हीं पिछड़े इलाकों को फिर से समृद्ध करने के लिए है। मीरापुर बाईपास पर सीएम ने कहा भी, गंगा को ब्रांड बनाया जाएगा। इसके किनारे तैयार होने वाले उत्पादों की देश-दुनिया में ब्रांडिंग करने की जिम्मेदारी सरकार की होगी।
रामराज जनसभा में उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में गंगा की लंबाई 1025 किलोमीटर है। किनारे पर 1035 पंचायतें और 21 नगर निकाय बसे हैं। विकास का कोई विकल्प नहीं होता, लेकिन आस्था का भी अनादर नहीं होना चाहिए। गंगा को कोरी आस्था तक सीमित नहीं रखना है। किनारे के किसानों, नौजवानों, महिलाओं को गंगा से रोजगार करना सिखाया जाएगा। गंगा किनारे जो भी उत्पाद तैयार होगा उसे गंगा ब्रांड से बाजार में उतारा जाएगा। उन्होंने मुजफ्फरनगर के गुड़ उत्पाद का उदाहरण देकर कहा कि जैसे आर्गेनिक तरीके से गुड़ बनाकर किसानों ने मिसाल पेश की है। अन्य स्थानों के उत्पादों की भी इसी तरह ब्रांडिंग होगी। इन उत्पादों के साथ मां गंगा का आशीर्वाद जुड़ा होगा। लोगों को बाजार उपलब्ध कराने का जिम्मा सरकार का है। गंगा किनारे बसे लोगों का दायित्व भी ज्यादा है। वे गंगा मां को प्रदूषित न करें बल्कि उसकी धारा के साथ उन्नति के रास्ते पर चलें।