मृतका के भाई पंकज कुमार ने वारदात का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एफटीसी प्रथम) के पीठासीन अधिकारी निशांत सिंगला ने की। वारदात के दोषी पति को अदालत ने आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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ससुराल पक्ष को करनी होगी बच्चों को देखरेख
सहायक शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार नागर ने बताया कि अदालत ने मृतका के दोनों बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी ससुराल पक्ष को दी है। दोनों बच्चे अपने दादा के पास रह रहे हैं। अदालत ने आदेश दिए कि बच्चों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।