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प्रशासन ने काली नदी में गिर रहे नाले को बंद कराया

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मंसूरपुर में काली नदी में गिरने वाले नाले को बंद कराते एसडीएम। - फोटो : KHATAULI
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मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। काली नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन ने बोपाड़ा की ओर बह रहे नाले को ईंटों की दीवार कर एवं मिट्टी डालकर मंसूरपुर में दो जगह बंद कराया।
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जिला प्रशासन ने काली नदी को स्वच्छ बनाने के लिए अभियान चलाया हुआ है। दो बार जिलाधिकारी बोपाड़ा के पास काली नदी पर चल रहे स्वच्छता अभियान का निरीक्षण भी कर चुकी हैं। इसी के तहत शुक्रवार को जिला प्रशासन ने बोपाड़ा के पास से बह रहे गंदे नाले को मंसूरपुर में एक जगह ईंटों की दीवार कर तथा दूसरी जगह मिट्टी डलवा करके बंद कर दिया है। यह गंदा नाला सीधा काली नदी में जाकर गिरता है। इस नाले में कई औद्योगिक इकाइयों का पानी तथा कॉलोनी का पानी भी गिरता है। गांव बोपाड़ा के प्रधान अजयवीर तथा अन्य ग्रामीणों का कहना है कि इस गंदे नाले से काफी लोग बीमार हो रहे हैं। एडीएम प्रशासन अमित कुमार एवं एसडीएम खतौली इंद्राकांत द्विवेदी ने बताया कि इस नाले को बंद कर प्रशासन यह देखना चाहता है कि इस नाले में किन किन औद्योगिक इकाइयों का पानी बह रहा है। जब उन इकाइयों का पता चल जाएगा, तो उनकी जिम्मेदारी निश्चित की जाएगी। कुछ दिन बाद नाले में लगाए गए बंद को खोल दिया जाएगा। इस नाले में घरेलू पानी के सिवाय अन्य किसी औद्योगिक इकाई का प्रदूषित पानी नहीं डालने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शुगर मिल एवं मंसूरपुर डिस्टलरी प्रबंधन का कहना है कि कालोनी तथा बरसाती पानी इस नाले में जाता है। उनकी फैक्टरियों से इस नाले में गंदा पानी नहीं बहाया जाता है।
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