जनकपुरी गली नंबर तीन बंद गली में हिंदू समाज के दो लोगों ने अपने दो मकानों को दो माह पहले मुस्लिमों को बेचा था। उस समय किसी भी मोहल्लावासी को इस बारे में जानकारी नहीं हुई। आरोप है कि दोनों मकानों में मुस्लिम समाज के दो परिवार आकर रहने लगे। शाम के समय 10-15 युवक कुर्सी बिछाकर बैठने लगे तो लोगों को दोनों मकानों के बेचने के जानकारी हुई। इस बारे में मोहल्लावासियों ने डीएम कार्यालय में शिकायत की।
कार्रवाई न होते देखकर मोहल्लावासियों ने हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र पंवार से संपर्क किया। बुधवार दोपहर समिति के कार्यकर्ता मोहल्ले में पहुंचे। मोहल्लावासियों के साथ पंचायत की। दोनों मकानों के सामने हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।
सिविल लाइन थाना पुलिस, नायब तहसीलदार सदर के साथ अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मिश्रा मौके पर पहुंचे। इस दौरान पता चला कि एक मकान रामकुमार से महमूद नगर निवासी आदिल ने 19 लाख रुपये में खरीदना तय कर 14 लाख रुपये दिए थे, पांच लाख का भुगतान बाकी था। वह अपनी पत्नी के साथ वहां दो माह से रह रहा था। इसी घर के सामने महमूद नगर निवासी जीशान ने रामपुरी निवासी मनीष से 22 लाख रुपये में खरीदा था। पूरा भुगतान किया था।
अधिकारियों ने जांच पड़ताल की। इसके बाद नायब तहसीलदार ने दोनों मकानों को खाली कराकर उन पर सील लगा दी। इस दौरान सभासद सलेक चंद, हिंदू संघर्ष समिति के कार्यकर्ता व रक्षित नामदेव, आशीष पाल, हन्नी पाल व अन्य मौजूद रहे।
ये बोले नायब तहसीलदार
दोनों मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने हैं। दोनों को खाली करा दिया है। दोनों मकानों में रहने वाले परिवार अपना सामान ले गए हैं।
- हरेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार सदर
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