अदालत में हाजिर हुए 18 आरोपियों ने रिकॉल कराए वारंट
मुजफ्फरनगर में रामपुर तिराहा कांड़ में छेड़छाड़, सामूहिक दुष्कर्म, लूट समेत अन्य गंभीर धाराओं के मुकदमों में 17 पुलिसकर्मी समेत 18 आरोपी शुक्रवार को अदालत में हाजिर हुए। अभियुक्तों ने गैर जमानती वारंट रिकॉल कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। अभी सुनवाई जारी है।
अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह की अदालत में सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी और सीबीआई बनाम विक्रम सिंह तोमर के मुकदमे की सुनवाई चल रही है। अदालत की सख्ती के बाद शुक्रवार को मुकदमे में 18 अभियुक्त कोर्ट में पेश हुए।
यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों से बड़ी तादाद में आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। जिसकी पूरे देश में गूंज पहुंची थी।
वहीं सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। फिलहाल चार मुकदमे जिले में लंबित हैं। पहले ये मुकदमे एसीजेएम द्वितीय की कोर्ट में विचाराधीन रहें। लंबे समय तक सुनवाई नहीं होने पर पिछले वर्ष नवंबर 2021 में सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक को अधिकृत करते हुए वहां भेजे गए थे।
एडीजीसी परविंद्र सिंह ने बताया कि सेवानिवृत्त हो चुके अभियुक्त पुलिसकर्मी वीरेंद्र प्रताप, देवेंद्र कुमार, सतीश चंद शर्मा, मिलाप सिंह, नरेश कुमार त्यागी, कृपाल सिंह, राकेश कुमार सिंह, सुरेंद्र सिंह, प्रबल प्रकाश और वर्तमान में सेवारत संजीव कुमार भारद्वाज, कुशलपाल सिंह, वीरेंद्र कुमार, सुमेर सिंह, तमकीम अहमद, ब्रजेश कुमार, विजय पाल सिंह और कुंवरपाल सिंह अदालत में हाजिर हुए। इससे पहले बृहस्पतिवार को सेवानिवृत्त राधा मोहन द्विवेदी कोर्ट में पेश हुए थे।