पंडित वैष्णो शुद्ध ढाबे को लेकर विवार थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में दोनों पक्ष अपने-अपने आरोप लगा रहे हैं। वहीं पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है।
दिल्ली-दून हाईवे पर पंडित वैष्णो शुद्ध ढाबा को लेकर विवाद जारी है। खुद को ढाबे का मैनेजर बताते हुए रामपुर तिराहा निवासी धर्मेंद्र सोमवार को स्वामी यशवीर महाराज के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचा। आरोप लगाया कि पहचान उजागर करने पर ढाबा संचालक और उसके दो बेटों सहित चार लोगों ने पिटाई कर दी। उधर, महाराज का कहना है कि अभी तक होटल का नाम नहीं बदला गया।
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एसएसपी कार्यालय पहुंचे धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह सनव्वर के ढाबे पर मैनेजर था। उसने ढाबे के विषय में सही जानकारी थी जिस कारण उस पर हमला हुआ। अपने ऊपर हुए हमले की शिकायत करने वह चौकी पर गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मारपीट के दौरान खुद को ढाबा मालिक बताने वाली एक महिला भी मौजूद रही। महिला मालिक है या नहीं, उसे नहीं पता, उसने तो महिला को पहली बार देखा था।
इस दौरान नई मंडी, सिविल लाइन थाना पुलिस भी पहुंची। बाद में पीडित ने पुलिस को तहरीर दी। नई मंडी पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की जांच में यह आया सामने
नई मंडी पुलिस का कहना है कि ढाबा सनव्वर का नहीं, बल्कि मेरठ निवासी दीक्षा शर्मा का है। उसके पास एग्रीमेंट भी है। उन्होंने आकर बताया कि उनके ढाबे पर सनव्वर, आदिल, गोपाल उर्फ तजम्मुल नौकरी करते थे। सभी को हटा दिया गया। मारपीट के मामले में तहरीर के आधार रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। ढाबा मालिक महिला ने ढाबा बंद करने की बात कही है।
यशवीर महाराज बोले, होनी चाहिए कार्रवाई
स्वामी यशवीर महाराज ने बताया कि तीन दिन पहले पंडित वैष्णो शुद्ध ढाबा का नाम बदलकर मुस्लिम मालिकों को अपने नाम से ढाबा चलाने व बोर्ड लगाने को कहा था। मैनेजर ने ढाबा मालिक का असली नाम बताया था, इसलिए उसके साथ मारपीट की गई। जैसा कि ढाबे पर एक युवक की पैंट उतारने का आरोप लगाया जा रहा है, वह गलत है। वहां उक्त युवक ने अपना नाम हिंदू बताया था, जबकि वह मुस्लिम है।
कार्यकर्ताओं पर लगा था पेंट उतारने का आरोप
ढाबे पर तीन दिन पहले यशवीर महाराज व हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर कर्मचारियों के बारे में जानकारी ली थी। उन्हें अपने वास्तविक नाम ढाबे पर लिखने के लिए कहा था। ढाबे पर लगाया गया क्यूआर कोड सनव्वर नाम से होने पर नाराजगी जताई थी। इस दौरान एक युवक का नाम पूछने पर हंगामा हो गया था।
युवक ने हिंदूवादी संगठनों के दो कार्यकर्ताओं पर जबरन पैंट उतारने का आरोप लगाया था। युवक ने अपना नाम बझेडी निवासी गोपाल बताया, जबकि वह मुस्लिम था। इस बारे में ढाबे के मैनेजर रामपुर तिराहा निवासी धर्मेद्र ने पूछने पर ढाबा मालिक का नाम सनव्वर होना बताया था। यह भी बताया कि ढाबे पर 80 प्रतिशत कर्मचारी मुस्लिम हैं।
मुस्लिमों की दुकानें बंद रखने की मांग उठाई
अखिल भारतीय हिंदू समाज सुरक्षा संगठन के अध्यक्ष सचिन सिरोही भी समर्थकों के साथ पहुंचे। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा देश की सबसे बड़ी यात्रा है। करीब पांच करोड़ शिवभक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करने को गंगाजल उठाकर पैदल चलते हैं। यात्रा के दौरान शुद्धता का विशेष महत्व है। ऐसे में मुस्लिम समाज के लोग रास्ते में पड़ने वाली अपनी दुकानें, ढाबे और होटल बंद रखें। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश को इसके लिए आदेश जारी करना चाहिए।