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मुजफ्फरनगर: बेटे की मौत के एक महीने बाद ही सास ने करा दी बहू की शादी, देवर ने बहन मानकर किया कन्यादान

Wed, 23 Sep 2026 11:18 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर

सार

खतौली कस्बे के दयालपुरम निवासी रोहित की 15 अगस्त को मौत हो गई थी। सास सुनीता ने राजस्थान का एक लड़का देखा और बहू मीनाक्षी को बेटी बनाकर उसकी शादी करा दी। मीनाक्षी की दो बेटियां दादी सुनीता के पास ही रहेंगी। शादी में मीनाक्षी के मायके वाले नहीं आए। 
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मीनाक्षी को विदा करती सास। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सास-बहू के झगड़ों के कितने ही किस्से-कहानियां हैं। रोज टूटते रिश्ते और बिखरते परिवार हर जगह मिल जाएंगे लेकिन बुधवार को आर्य समाज मंदिर में हुई अनूठी शादी ने सिक्के का दूसरा पहलू भी दिखाया। बेटे की मौत के एक महीने बाद ही सास सुनीता ने अपनी विधवा बहू मीनाक्षी की दूसरी शादी करा दी। देवर मोहित ने अपनी भाभी को बहन बनाकर कन्यादान किया। खुशी से बहू को बेटी बनाकर विदा किया गया।
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जाने से पहले बेटी को गले लगाती मीनाक्षी। - फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार के बहादरपुर की मीनाक्षी का विवाह दस साल पहले खतौली कस्बे के दयालपुरम निवासी रोहित के साथ हुआ था। जिंदगी हंसी-खुशी गुजर रही थी। सात साल की बेटी रितु और डेढ़ साल की अविका ने घर को गुलजार कर दिया।
 

वक्त ने पिछले महीने 14 अगस्त को करवट बदली। कैंसर से जूझ रहे रोहित के पिता राजमिस्त्री ओमपाल का निधन हो गया। अगले ही दिन 15 अगस्त को पिता की मौत के गम में बेटे रोहित की मौत हो गई। पूरा परिवार सदमे में चला गया। घर में बहू की बेनूर जिंदगी को सास सुनीता नहीं देख पा रही थी। अपने छोटे बेटे मोहित और परिवार के अन्य लोगों की मदद से रिश्ता तलाश किया। राजस्थान के नारायणपुर में चाट की दुकान चलाने वाले योगेश का चयन किया गया। मीनाक्षी की सहमति ली गई।
 

बुधवार को आर्य समाज मंदिर में दोनों परिवार जुटे। सास ने बहू को बेटी बनाकर विवाह संपन्न कराया। देवर ने भाई का फर्ज अदा किया। मोहल्ले के लोग इकट्ठे हुए और मीनाक्षी को जिंदगी की नई राह के लिए विदा कर दिया।
 

दादी के पास रहेंगी बेटे की निशानियां
दयालपुरम के तरुण ने बताया कि पोती रितु और अविका अपनी दादी के पास ही रखी गई हैं। मीनाक्षी की सहमति से ऐसा किया गया है। दोनों परिवार आपस में आते-जाते रहेंगे और सामाजिक बंधन भी निभाए जाने का संकल्प लिया गया है।

मायके पक्ष के लोग नहीं पहुंचे
सास सुनीता देवी का यह फैसला उसके त्यागी और हिम्मत की मिसाल है। मीनाक्षी के मायके पक्ष के लोग नहीं पहुंचे लेकिन सास ने शादी नहीं रुकने दी। उनका कहना था कि बहू के सामने पूरी जिंदगी पड़ी हुई है।
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ऐसा है राजमिस्त्री ओमपाल का परिवार
राजमिस्त्री ओमपाल के परिवार में पत्नी सुनीता के अलावा बेटा रोहित, मोहित और बेटी मोनिका, नीतू व भारती हैं। सबकी शादियां हो चुकी हैं। ओमपाल और रोहित की मौत के बाद पूरा परिवार गमजदा रहा। परिवार की विधवा बहू मीनाक्षी की शादी का फैसला समाज के लिए उदाहरण बन गया है।

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