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जर्जर भवनों में बैठकर हो रहा सरकारी कामकाज

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बरसात में गिरने के कगार पर कलेक्ट्रट स्थित मालखाना का भवन। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। कलक्ट्रेट में बनी कई सरकारी दफ्तरों की बिल्डिंग बहुत जर्जर हालत में हैं। अधिकारी और बाबू टपकती छतों के नीचे बैठकर सरकारी कामकाज निपटाते हैं। कई भवनों के पुनर्निर्माण की संस्तुति कर मंजूरी के लिए शासन को भेजी गई हैं।
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जिला कलक्ट्रेट में न्यायालय बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी और न्यायालय चकबंदी अधिकारी के कार्यालय का निर्माण कार्य शुरू हो चुका हैं। ढांचा खड़ा कर छत डालने की तैयारी है। इनके बराबर में डीएफसीसी, यूपी जिला स्वान केंद्र और सहायक मनोरंजन कर आयुक्त कार्यालय के भवन की हालत भी जर्जर हैं। इन भवनों की छतों का प्लास्टर कभी भी टूटकर नीचे गिर जाता हैं। बरसात में छतें टपकती हैं और अंदर पानी भर जाता हैं। अलमारियों में रखी फाइलों को बचाने में बाबुओं को जद्दोजहद करनी पडती हैं। भूमि अधिग्रहण कार्यालय में कई दिन पहले हुई बारिश की नमी अब भी है।
सीलिंग और खनन विभाग के भवन भी बहुत ही खस्ताहाल हैं। सीलिंग विभाग की दीवार पर उगे पेड़ की जडे़ं अंदर तक पहुंच गई हैं, जिससे दीवारें दरकने लगी हैं। जरा सी बारिश होते ही छतें टपकने लगती हैं। अंदर पहुंचे पानी को बाबू और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बाहर निकालते हैं। छतों का प्लास्टर कभी भी टूटकर नीचे काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों पर गिर जाता हैं। मालखाने की छत काफी समय पूर्व गिर चुकी हैं। पुलिसकर्मी बाहर पडे टीन शेड के नीचे बैठकर सरकारी कामकाज निपटाते हैं। पुलिसकर्मियों में पीछे बनी दीवार के टूटकर गिरने का हर समय भय बना रहता हैं। छत नहीं होने से मालखाने मेें रखा सामान बराबर की एक बिल्डिंग में रखकर कामचलाऊ व्यवस्था की गई हैं।
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डीएफसीसी, सहायक मनोरंजन कर आयुक्त और एक अन्य विभाग के कार्यालय के भवन के जीर्णोद्धार की संस्तुति कर डीएम ने शासन को भेज रखी है, जिनकी मंजूरी का इंतजार हैं। एडीएम वित्त आलोक कुमार का कहना है कि अधिकतर जर्जर बिल्डिंग पर काम चल रहा है, उन्हें ठीक किया जा रहा है। जो बची हैं उनका जीर्णोद्धार भी जल्द हो जाएगा।
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