पूर्व विधायक शाहनवाज राना को धोखाधड़ी और जीएसटी चोरी के मुकदमे में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। गैंगस्टर के मुकदमे में अभी जमानत नहीं मिलने के कारण पूर्व विधायक को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
सहायक आयुक्त राज्य कर खंड आठ प्रद्युम्न चौधरी ने पिछले साल नौ दिसंबर को सिविल लाइन थाने में सर्व जंबूदीप एक्सपोर्ट कंपनी के डायरेक्टर पूर्व विधायक के बेटे शाह आजम राना के अलावा कामरान राना, जिया अब्बास जैदी और तौसीफ कुरैशी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।
वादी का कहना था कि जंबूदीप एक्सपोर्ट एंड इंपोर्ट लिमिटेड के जीएसटी नंबर के विरुद्ध प्राप्त इनपुट के आधार पर कंपनी की जांच 2018-19 में राज्य कर विशेष अनुसंधान शाखा ने की थी। कंपनी की ओर से जो प्रपत्र प्रस्तुत किए गए, उनमें फर्जी कागजात मिले।
न्यू यूपी उत्तरांचल टीपीटी कंपनी रामपुर चुंगी रुड़की, अयान रोड लाइंस राना चौक, हरियाणा महाराष्ट्र फ्रेट कैरियर कैथल हरियाणा, बरकत धर्मकांटा मेरठ रोड की बिल्टी फर्जी पेश की गई। इन संस्थानों का कोई अस्तित्व नहीं पाया गया। पुलिस ने इस मामले में पूर्व विधायक को भी आरोपी बनाया था। हाईकोर्ट से पूर्व विधायक को जमानत मिल गई है।