सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन परिजनों ने किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया। परिवार की सहमति पर शव को गांव के कब्रिस्तान में दफना दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे संवेदनशीलता के साथ मामले की जानकारी ले रहे हैं, लेकिन परिवार का रवैया फिलहाल सहयोगात्मक नहीं है।
अबुजर की आत्महत्या की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।
मौलाना जमील मूल रूप से सहारनपुर के निवासी हैं, लेकिन लंबे समय से टंडेढ़ा गांव में ही रह रहे हैं। वे 2012 में मीरापुर विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए थे। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने हरिद्वार से बसपा के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था।