मंगलवार को नायब तहसीलदार राजीव कुमार और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। दुकान को खाली करा दिया और वहां से मिले 125 बंदूक, दो रिवाल्वर और दो पिस्टलों को पुलिस कब्जे में लेकर कोतवाली ले आई। इसके बाद मामला उलझ गया।
गन हाउस संचालक का कहना है कि पुलिस ने उसके भाई को जबरन बुलाकर हथियार रिसीव करा दिए और टेंपो उसके घर भेज दिए, जबकि वह कानूनी तौर पर और सुरक्षा की लिहाज से हथियारों को अपने घर पर नहीं रख सकता।
बुधवार सुबह तक भी उसने हथियार घर पर नहीं रखे। टेंपो घर के बाहर खड़े रहे। नायब तहसीलदार और पुलिसकर्मी पहुंचे और उन्हें कलेक्ट्रेट चलने के लिए कहा गया, लेकिन संचालक ने इनकार कर दिया। फिलहाल तीन टेंपो में लदे हथियार सड़क पर हैं और पुलिस-प्रशासन प्रकरण का हल नहीं निकाल पाई है।
संचालक ने मांगा था समय
संचालक हसनैन ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया था कि जिला जज के न्यायालय में प्रार्थना पत्र विचाराधीन है। अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते निस्तारण नहीं हो रहा है। इसी वजह से समय दिया जाना चाहिए।