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Muzaffarnagar: 13 साल पहले काटा था किसान का गला, एक ही परिवार के पांच हत्यारों को कोर्ट ने दी ये सजा

Fri, 06 Jun 2025 12:17 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर

सार

किसान सरफराज की 30 मार्च 2012 को खेत पर जाते समय हत्या कर दी गई थी। गांव भोजाहेड़ी के जंगल में उसका शव मिला था। कस्बे के ही मुतलीव, शहराज, आकिल, इंतजार और रियासत के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। 
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कोर्ट। सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
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करीब 13 साल पहले पुरकाजी के किसान सरफराज की गला काटकर हत्या के मामले में एक ही परिवार के पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी रितिश सचदेवा ने फैसला सुनाया। फैसले के वक्त अदालत में हाजिर नहीं होने पर दोषी आकिल के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए।
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किसान सरफराज 30 मार्च 2012 में शाम के समय खेत पर पानी चलाने के लिए गया था। रात में वह घर वापस नहीं लौटा। परिजनों ने तलाश किया, लेकिन सुराग नहीं लगा। दिन निकलने पर निकट के गांव भोजाहेड़ी के जंगल में सरफराज का गला कटा शव बरामद हुआ।
मृतक के चाचा वादी असगर त्यागी ने कस्बे के ही आरोपी मुतलीव, शहराज, आकिल, इंतजार और रियासत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अदालत में अलग-अलग आरोप पत्र दाखिल किए गए। उधार दिए गए चार लाख रुपये मांगने पर किसान की हत्या की गई थी।
 

प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या सात में हुई। बृहस्पतिवार को आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ। आकिल अदालत में हाजिर नहीं हुआ, जिस कारण उसके गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए। सभी दोषियों को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
 

इस वजह से की गई थी हत्या
घर के इकलौते बेटे किसान सरफराज से दोषियों ने चार लाख रुपये उधार लिए थे। बार-बार तकाजा करने के कारण दोषी रंजिश रखने लगे। 30 मार्च को खेत से अपहरण कर हत्या की वारदात अंजाम दी थी।
मां ने देख लिया तो खुली वारदात
वारदात के दिन सरफराज की मां शाम के समय अपने मायके जा रही थी। इसी दौरान उसने अपने बेटे को गांव के ही आरोपियों के साथ जाते देखा। वह मायके चली गई। अगले दिन शव बरामद हुआ तो मां ने पुलिस को बताया कि आरोपियों के साथ जाते हुए देखा था। इसके बाद वारदात की गुत्थी सुलझ गई थी।
 
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इंतजार पर 44, मुतलीव पर 24 मुकदमे
आजीवन कारावास की सजा पाने वाले दोषी इंतजार पर 44 मुकदमे हैं। इन दिनों वह उत्तराखंड की गढ़वाल जेल में बंद है। 50 हजार रुपये का इनामी रहा मुतलीव पर 24 मुकदमे दर्ज हैं, इन दिनों वह बहराइच जेल में है। दोषी आकिल पर भी 21 मुकदमे हैं। ट्रायल के दौरान 2016 में मुतलीव पुलिस हिरासत से फरार हो गया था।

आकिल के गैर जमानती वारंट
सुनवाई के दौरान बृहस्पतिवार को चार आरोपी पुलिस सुरक्षा में अदालत में हाजिर हुए, लेकिन जमानत पर चल रहा आरोपी आकिल अदालत नहीं पहुंचा। अदालत ने सभी आरोपियों पर दोष सिद्ध किया। आकिल के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं।
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