पुलिस अधिकारी दरवाजा तोड़कर सब बाहर निकालने की बात बता रहे हैं, जबकि दरवाजे पर कुंडी ताला तोड़ने का कोई निशान भी मौजूद नहीं है। आरोप लगाया कि अधिकारी सही तथ्य नहीं बता रहे हैं घटना संदिग्ध है। गांव प्रधान निश्चल बालियान, विपिन बालियान ,पूर्व प्रधान चंद्रवीर सिंह, संजीव प्रधान बताते हैं अंकित बेहद मिलनसार था। एक माह पहले ही छुट्टी पर घर आया था।
शव पहुंचते ही गम में डूबा गांव
रविवार देर शाम जैसे ही सिपाही अंकित का पार्थिव शरीर गांव में लाया गया तो गम का माहौल बन गया। अंकित के पिता बहन, भाई ,मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अंकित की मां रेखा बेटे का शव देखकर बेहोश हो गई। पड़ोसी महिलाओं ने उसे बामुश्किल संभाला। अंतिम यात्रा में रिश्तेदारों के साथ ही गांव के सैकड़ो लोग शामिल हुए। गांव के शमशान घाट पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
क्या था मामला
एटा जिले के जलेसर कोतवाली मे तैनात भौरा खुर्द निवासी सिपाही अंकित कुमार ने शनिवार को अपने सरकारी आवास में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। साथी सिपाही ने कमरे में जाकर देखा तो घटना की जानकारी हुई उसने तुरंत ही थाना प्रभारी को बताया । थाना प्रभारी एवं पुलिसकर्मियों ने कमरा खोल कर देखा तो पंखे के सहारे अंकित लटका हुआ था। पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी थी।
बहन की शादी की चल रही थी तैयारी
मृतक अंकित का पिता सुभाष चंद्र गांव में खेतीहर मजदूर है। बड़ा भाई अनुज उत्तराखंड में प्राइवेट नौकरी करता है। दूसरा भाई आशीष यूपी पुलिस में कांस्टेबल है । दोनों एक साथ ही वर्ष 2020 मे भर्ती हुए थे, बहन प्रतिमा अविवाहित है। घर में बहन की शादी की तैयारी चल रही थी। एक-दो दिन में ही लड़के वाले रिश्ता तय करने आने वाले थे।