ग्रामीणों-पुलिस के बीच बने टकराव के आसार
भोपा (मुजफ्फरनगर)। नंगला बुजुर्ग स्थित डेरे पर हुई बाकरनगर निवासी गुलबहार की मौत के मामले में रविवार सुबह एक बार पुलिस व ग्रामीणों के बीच टकराव के आसान बन गए। दरअसल, रात में परिजन हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने तक शव लेने से इंकार कर गांव लौट गए थे, जिसके बाद पुलिस ने शव को मोर्चरी में ही रखवा दिया था।
रविवार सुबह करीब नौ बजे बाकरनगर के साथ ही नंगला बुजुर्ग, रहकड़ा व किशनपुर समेत कई गांवों के सैकड़ों ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर थाने जा पहुंचे और घेराव करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर लेनदेन विवाद में हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया तो ग्रामीण उग्र हो उठे। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठियां फटकारते हुए भीड़ को दौड़ाकर स्थिति पर काबू पाया। इसके बाद एसपी देहात नेपाल सिंह व सीओ राजेश कुमार द्विवेदी के साथ थाना परिसर में भाकियू नेता अब्दुल वहाब, मौलाना नजर मोहम्मद, शाहनवाज प्रधान, महताब समेत गुलबहार के परिजनों की वार्ता हुई। करीब 40 मिनट तक चली बैठक के बाद अफसरों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने और अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया। इस पर सहमति होने के बाद पिता अब्दुल वहाब की तहरीर पर अज्ञात में मुकदमा पंजीकृत किया गया।
केंद्रीय राज्यमंत्री से मिले सिख समाज के लोग
भोपा। गांव नंगला बुजुर्ग स्थित पॉल्ट्री फॉर्म पर लूटपाट के दौरान बदमाशों की गोली लगने से हुई उनके साथी की मौत के मामले में ग्रामीणों द्वारा लगातार हंगामा प्रदर्शन किए जाने के बाद सिख समाज के लोग भी सक्रिय हो गए। रविवार को सिख समाज की कस्बे में एक बैठक हुई, जिसमें पॉल्ट्री फॉर्म पर लूट करने पहुंचे बदमाशों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। बाद में सिख समाज का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान से उनके आवास पर मिला और पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर सरदार सुखविंदर सिंह, जुझार सिंह, सतनाम बंजारा, रणजीत सिंह, अमरजीत सिंह, अमित नायक, गुरप्रीत सिंह, सर्वजीत सिंह और संदीप सिंह आदि मौजूद रहे।