फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muzaffarnagar: डॉ. आयशा की दहेज हत्या में डॉक्टर पति, उसके दो भाइयों और पिता को सजा, नौ साल बाद आया फैसला

Mon, 12 Jan 2026 09:22 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर

सार

थानाभवन में डॉ. आयशा को पांच लाख रुपये और कार न मिलने पर मार दिया गया था। उस समय वह गर्भवती थी। आयशा के परिजनों ने इस फैसले को इंसाफ की जीत बताया है। 
विज्ञापन
डॉ. आयशा की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शामली के थानाभवन में डॉ. आयशा की दहेज के लिए हत्या के करीब नौ साल पुराने मुकदमे में दोषी पति डॉ. शहजान आसिफ को 15, ससुर सगीरुद्दीन, जेठ अमजद और देवर आरिफ को 10-10 साल कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-आठ की पीठासीन अधिकारी नेहा गर्ग ने फैसला सुनाया। 
विज्ञापन

मूल रूप से सहारनपुर के राजूपुर के रहने वाले और वर्तमान में शहर के अंबा विहार निवासी जब्बार हुसैन ने अपनी बेटी डॉ. आयशा की शादी 16 नवंबर 2015 को थानाभवन के डॉ. शहजान आसिफ के साथ की थी। कुछ दिन बाद ही ससुराल पक्ष की ओर से अतिरिक्त दहेज में रुपये और कार की मांग की जाने लगी।
 
विज्ञापन

विवाहिता ने अपने घर जानकारी दी। 16 नवंबर 2016 को आयशा का शव कमरे में फंदे पर लटका मिला । 17 नवंबर 2016 को मृतका के परिजनों ने पति शहजान आसिफ, ससुर सगीरुद्दीन, जेठ अमजद और देवर आरिफ के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। आरोप लगाया गया था कि हत्या को आत्महत्या दर्शाने का प्रयास किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायालय संख्या-आठ में हुई। सोमवार को दोषियों को सजा सुनाई गई।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें