अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने एक आपराधिक अपील में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। न्यायालय ने जनपद के टॉप 10 अपराधियों में शामिल सुशील उर्फ मूंछ को नोटिस तामील न करा पाने पर नाराजगी व्यक्त की है।
न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार ने तीन मई 2023 को रतनपुरी के मथेड़ी गांव निवासी सुशील उर्फ मूंछ के खिलाफ आपराधिक अपील दाखिल की थी। अपील दाखिल होने के लगभग तीन वर्ष बाद भी पुलिस अभियुक्त को नोटिस नहीं दे पाई है।
न्यायालय ने प्रथम दृष्टया यह माना है कि नोटिस तामील न करवाने का अर्थ है कि पुलिस अभियुक्त सुशील उर्फ मूंछ को अपील में हुए विलंब का लाभ देना चाहती है। न्यायालय ने अभियुक्त सुशील उर्फ मूंछ को 15 जुलाई को नोटिस के जरिये तलब किया है। एसएसपी संजय वर्मा को अपने पर्यवेक्षण में नोटिस तामील करवाना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
पुलिस का एक लाख का इनाम...अदालत ने घोषित किया भगोड़ा
अदालत ने पिछले साल सुशील मूंछ को गैंगस्टर के 25 साल पुराने मुकदमे में हाजिर नहीं होने पर भगौड़ा घोषित किया था। हत्या और हत्या के प्रयास के मुकदमों के आधार पर 2001 में मथेड़ी निवासी सुशील मूंछ, शहर के अग्रसेन विहार निवासी कुंवरपाल और चंदन के खिलाफ तत्कालीन सिविल लाइन एसओ श्रीभगवान शर्मा ने गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना एसओ डीएन वर्मा ने की।
बचाव पक्ष ने प्रकरण में हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था। इस दौरान चंदन की मृत्यु हो गई। अदालत में हाजिर नहीं होने के कारण पिछले साल 30 जनवरी को अदालत ने सुशील मूंछ के स्थायी वारंट जारी किए थे और पत्रावली दफ्तर दाखिल कर दी गई है। इससे पहले पुलिस की ओर से एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
रंगदारी के मामले में चर्चा में आया
मंसूरपुर क्षेत्र में न्यू मैक्स सोसाइटी के मैनेजर से व्हाट्सएप कॉल के जरिये मथेड़ी निवासी कुख्यात सुशील मूंछ के नाम पर दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। पुलिस ने मूंछ के बेटे मनजीत उर्फ टोनी, अक्षयजीत उर्फ मोनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। अक्षयजीत को उसके साथी अमरदीप के साथ मुठभेड़ में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने जांच के बाद इस केस में मूंछ का नाम भी शामिल कर लिया था।
ये भी देखें...
Shamli: छह हजार की रिश्वत लेता राजस्व निरीक्षक रंगेहाथ गिरफ्तार, पैमाइश के लिए किसान से मांग रहा था रुपये